जोशीमठ भू-धंसाव : दो साल बाद भी पुश्तैनी भवनों का मुआवजा नहीं, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ने उठाई आवाज
संजय कुंवर
गोपेश्वर। जोशीमठ भू-धंसाव आपदा के दो साल बाद भी प्रभावित परिवारों को उनके पुश्तैनी आवासीय भवनों का मुआवजा नहीं मिल पाया है। प्रभावितों की इस समस्या को लेकर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन को पत्र भेजकर लंबित भुगतान जल्द कराने की मांग की है।

ऋषि प्रसाद सती ने पत्र में कहा कि भू-धंसाव से प्रभावित परिवार लंबे समय से अपने पुश्तैनी भवनों के मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आपदा के बाद शासन-प्रशासन की ओर से प्रभावितों के पुनर्वास और भवनों के मुआवजे को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रक्रिया की गई, लेकिन कई परिवारों को अब तक उनके भवनों का भुगतान नहीं हो पाया है।
उन्होंने मुख्य सचिव से मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने और पात्र प्रभावित परिवारों के लंबित मुआवजे का शीघ्र भुगतान कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण प्रभावित परिवारों के सामने आर्थिक और मानसिक परेशानियां बनी हुई हैं।
पुश्तैनी संपत्तियों के भुगतान की मांग
ऋषि प्रसाद सती ने कहा कि जोशीमठ के प्रभावित परिवारों की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए। उन्होंने शासन से पात्रता और दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी कर चुके प्रभावितों को जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।

