
संजय कुंवर ज्योतिर्मठ। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने ज्योतिर्मठ ब्लॉक के सन वैली स्थित किमाणा गांव के ग्रामीणों की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी है। शनिवार रात हुई तेज बारिश के बाद गांव के ऊपर की पहाड़ी से भारी मात्रा में गाद, मलबा और बोल्डर बहकर तीन अलग-अलग धाराओं के रूप में गांव की ओर आने लगे। इससे पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ग्रामीण रातभर जागकर हालात पर नजर रखने को मजबूर रहे।
गांव के खेत-खलिहान गाद और मलबे से पट गए हैं, जबकि पैदल मार्ग भी मलबे से भर जाने के कारण आवाजाही प्रभावित हो गई है। कई स्थानों पर ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान शशि देवी ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के बावजूद ग्रामीणों ने सोलर लाइट की रोशनी में पूरी रात जागकर बिताई। उन्होंने कहा कि अब गांव के बीचोंबीच तीन हिस्सों में बंटकर मलबा, पानी और गाद बह रही है, जिससे पूरे गांव पर खतरा मंडरा रहा है। कुछ प्रभावित परिवारों ने देर रात अपनी जान बचाने के लिए पड़ोसियों के घरों में शरण ली।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने राहत के तौर पर कुछ टेंट और तिरपाल उपलब्ध कराए हैं, लेकिन शनिवार रात की बारिश के बाद अब पूरा किमाणा गांव ही खतरे की जद में आ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय, स्थायी पुनर्वास और प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत कार्य शुरू करने की मांग की है।

