
चमोली में धधक रहे जंगल, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
सैकोट-पिलंग में रातभर छाया धुआं, पांच घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग
चमोली, संवाददाता। जिले में जंगलों में लगी आग लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। पिछले एक सप्ताह से जंगल धू-धू कर जल रहे हैं। वन विभाग आग पर पूरी तरह काबू पाने में नाकाम नजर आ रहा है, जबकि कई स्थानों पर ग्रामीण खुद जंगल बचाने के लिए मैदान में उतर रहे हैं। जंगलों में लगी आग से वातावरण धुएं से भर गया है, जिससे लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और एलर्जी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

बदरीनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले जंगलों में पिछले एक सप्ताह से आग भड़क रही है। बीते सप्ताह बिरही क्षेत्र में आग बुझाने के दौरान पाखी गांव निवासी राजेन्द्र सिंह की खाई में गिरने से मौत हो गई थी। इसके बावजूद आग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
पिछले दो दिनों से सैकोट, घुड़साल और पिलंग गांव के जंगलों में भीषण आग लगी हुई है। बुधवार रात जिला मुख्यालय से सटे सैकोट और पिलंग गांव के जंगलों में आग फैलने से पूरा क्षेत्र धुएं से भर गया। हालात ऐसे रहे कि ग्रामीण रातभर सो नहीं सके।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य नंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि बुधवार रात जंगलों में लगी आग तेजी से गांव की ओर बढ़ने लगी थी। सुबह करीब चार बजे गांव की महिलाएं और युवा आग बुझाने के लिए जंगलों की ओर दौड़ पड़े। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
आग बुझाने में पिलंग गांव के अनिता रावत ,अंजलि,परमिला ,राधा ,प्रियंका ,जयंती,बिमला,उर्मिला,लीला ,अनीता,मंजू,सुनीता,हिर्तिक डिमरी ,रजत ,सार्थक प्रशांत अतुल,दिवांशु आदि उपस्थित रहे।
बिष्ट ने कहा कि यदि समय रहते ग्रामीण आगे नहीं आते तो जूनियर हाईस्कूल पिलंग को नुकसान पहुंच सकता था। साथ ही गांव में किए गए वनीकरण भी जलकर राख हो जाते। उन्होंने कहा कि लोगों को जिस तरह लोग पौधरोपण के दौरान उत्साह दिखाते हैं, उसी तरह जंगलों को आग से बचाने के लिए भी आगे आना होगा।
उधर, बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ सर्वेश दुबे ने बताया कि बदरीनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत करीब 1.45 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र आता है। फायर सीजन के लिए 165 फायर वाचर तैनात किए गए थे। आग बुझाने के दौरान एक फायर वाचर की मौत हो चुकी है, जिसके बाद अब 164 फायर वाचर और वन कर्मियों की टीमें आग बुझाने में जुटी हैं।
उन्होंने बताया कि इस फायर सीजन में अब तक 58 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग से प्रभावित हो चुका है। बिरही घटना के बाद अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही वन अधिनियम की धारा 79 (क) और (ख) के तहत कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।

