चमोली : वार्षिक स्थानांतरण नीति के अनुसार नही हुए वन विभाग के कार्मिकों का स्थानांतरण, तो कोर्ट जायेंगे कर्मचारी आवास भत्ते की भी मांग उठाई

Team PahadRaftar

संजय कुंवर गोपेश्वर। सहायक वन कर्मचारी संघ चमोली-रुद्रप्रयाग ने वार्षिक स्थानांतरण नियमावली-2017 का पालन नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए उच्च न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी है। संघ की आम बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की गई।

बैठक में उत्तराखंड फॉरेस्ट मिनिस्ट्रियल संघ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन को एकजुट होकर प्रयास करने पर जोर दिया।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि वन विभाग के विभिन्न प्रभागों में वर्ष 2017 की स्थानांतरण नियमावली के अनुरूप कर्मचारियों के तबादले नहीं किए गए हैं, जबकि नियमों का पालन किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि विभाग ने शीघ्र इस संबंध में निर्णय नहीं लिया तो चमोली-रुद्रप्रयाग इकाई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी।

बैठक में क्षेत्रीय चौकियों में तैनात कर्मचारियों को आवास भत्ता देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा कर्मचारियों से जुड़ी अन्य लंबित मांगों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया।

बैठक में चमोली-रुद्रप्रयाग इकाई के अध्यक्ष अनूप कुमार पंवार, महामंत्री मुकेश शाह, कोषाध्यक्ष बुद्धि बल्लभ जोशी, संगठन मंत्री इम्तियाज फारुखी, जिला प्रवक्ता संदीप कंडारी, प्रदीप नेगी, कुलदीप नेगी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

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