
केएस असवाल गौचर, संवाददाता। लोकपर्व हरेला के अवसर पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की आठवीं वाहिनी, गौचर में गुरुवार को वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और हिमवीरों ने पौधे रोपकर उनकी देखभाल का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम का नेतृत्व उप सेनानी (जीडी) मनोज साह ने किया। उन्होंने कहा कि हरेला उत्तराखंड की संस्कृति और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक पर्व है। यह पर्व मानव और पर्यावरण के अटूट रिश्ते को मजबूत करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

वाहिनी परिसर में आयोजित वृक्षारोपण अभियान में अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इस दौरान स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
उप सेनानी मनोज साह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक दायित्व है। सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
आईटीबीपी की आठवीं वाहिनी समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण से जुड़े अभियान संचालित करती रहती है। हरेला पर्व पर आयोजित यह कार्यक्रम भी प्रकृति के प्रति समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देने वाला रहा।

