केएस असवाल गौचर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चमोली, गौचर में लोकपर्व हरेला पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी के नेतृत्व में संस्थान परिसर में पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम में संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और डीएलएड प्रशिक्षुओं ने औषधीय, फलदार एवं छायादार प्रजातियों के पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

प्रभारी प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी ने कहा कि हरेला उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक होने के साथ प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व भी है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। तभी पौधरोपण अभियान अपने उद्देश्य में सफल हो सकेगा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ संकाय सदस्य रविंद्र सिंह बर्त्वाल, गोपाल प्रसाद कपरूवाण, योगेंद्र सिंह बर्त्वाल, डॉ. कमलेश कुमार मिश्र, डॉ. गजपाल राम राज, बचन लाल जितेला, सुमन भट्ट और मृणाल जोशी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारी मनोज धपवाल, पुष्कर सिंह बासकंडी, ममता रावत तथा डीएलएड प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं ने भी पौधरोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने संस्थान परिसर को हरा-भरा बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि हरेला जैसे लोकपर्व नई पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण और उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
