ऊखीमठ : 15 दिन बाद भी नहीं आया शासनादेश, पीएचसी उच्चीकरण को ऊखीमठ में प्रदर्शन

Team PahadRaftar

15 दिन बाद भी नहीं आया शासनादेश, पीएचसी उच्चीकरण को ऊखीमठ में प्रदर्शन

मुख्य बाजार में प्रदर्शन कर आंदोलनकारियों ने की शासनादेश जारी करने की मांग, मदमहेश्वर घाटी की मातृशक्ति समेत विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन

लक्ष्मण नेगी, ऊखीमठ। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 15वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को मदमहेश्वर घाटी के जनप्रतिनिधियों, मातृशक्ति, प्रधान संगठन, मजदूर यूनियन और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया। आंदोलनकारियों ने मुख्य बाजार में प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पीएचसी उच्चीकरण का शासनादेश जल्द जारी करने की मांग उठाई।

धरना स्थल पर हुई सभा में पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष आनंद सिंह रावत और प्रधान गडगू सरिता नेगी ने कहा कि ऊखीमठ भौगोलिक रूप से विषम परिस्थितियों वाला क्षेत्र है। मदमहेश्वर व तुंगनाथ घाटी समेत आसपास के दूरस्थ गांवों के लिए ऊखीमठ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। गंभीर बीमारी अथवा दुर्घटना की स्थिति में मरीजों को श्रीनगर, रुद्रप्रयाग या अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों में रेफर करना पड़ता है। इससे मरीज और उनके स्वजन को समय व आर्थिक परेशानी उठानी पड़ती है।

मजदूर यूनियन के अवतार नेगी और गुरिल्ला संगठन की जिलाध्यक्ष बसंती रावत ने कहा कि पीएचसी उच्चीकरण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। शासन स्तर से पूर्व में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब आश्वासन नहीं, शासनादेश चाहिए और इसके लिए आंदोलन जारी रहेगा।

मातृशक्ति ने संभाला मोर्चा

मदमहेश्वर घाटी से पहुंची मातृशक्ति ने मुख्य बाजार से तहसील परिसर तक प्रदर्शन किया। नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण और साक्षी नेगी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का सबसे अधिक असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। आपात स्थिति में मरीज को दूर ले जाना परिवार के लिए चुनौती बन जाता है। इसलिए पीएचसी का उच्चीकरण पूरे क्षेत्र की जरूरत है।

15 दिन का आश्वासन, अब शासनादेश की मांग

सभा से पहले आंदोलनकारियों ने मुख्य बाजार में प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति और व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव से मिले आश्वासन के अनुसार 15 दिन की अवधि में पीएचसी उच्चीकरण का शासनादेश जारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक शासनादेश जारी नहीं होता, अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को व्यापक रूप देने की चेतावनी भी दी गई।

इस दौरान प्रधान रांसी सोनिया पंवार, उनियाणा बिशाम्बरी देवी, राऊलैंक नीमा देवी, मनसूना मिथला देवी, पठाली मनवर सिंह नेगी, भींगी नीमा देवी, मक्कू सुनीता देवी, सभासद सरला रावत, बलवीर पंवार, प्रदीप धर्म्वाण, बलवीर धर्म्वाण, प्रताप धर्म्वाण, बलवंत रावत, पवन राणा, कर्मवीर कुंवर, बृजमोहन बर्त्वाल, दलवीर रावत, भूपेंद्र राणा, प्रमोद नेगी, धर्मेंद्र तिवारी, दिनेश पुरोहित, नवदीप नेगी, कल्पेश्वरी रावत, अनीता देवी, रेखा रावत, सीता देवी, सरोज देवी, पूनम देवी, सर्वेश्वरी देवी, ज्योति देवी, मनोरमा देवी, दीपा देवी, नारायणी देवी, वंदना देवी, रंजना समेत बड़ी संख्या में मातृशक्ति और आंदोलनकारी मौजूद रहे।

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