ऊखीमठ : तुंगनाथ धाम में आस्था का नया शिखर, 73 दिन में 1.18 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Team PahadRaftar

रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे श्रद्धालु, चोपता घाटी में पर्यटन कारोबार को भी मिला बड़ा सहारा

लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। हिमालय की गोद में 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार तुंगनाथ धाम इस वर्ष आस्था के नए शिखर पर पहुंच गया है। 21 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद महज 73 दिनों में 1 लाख 18 हजार 381 श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं। बीते वर्षों की तुलना में श्रद्धालुओं की बढ़ी संख्या तुंगनाथ धाम को देश के तेजी से उभरते धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल कर रही है।

इस यात्रा सीजन में उत्तराखंड ही नहीं, देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक तुंगनाथ पहुंचे हैं। चोपता से पांच किलोमीटर की पैदल यात्रा कर श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर रहे हैं। साफ मौसम में चौखंभा, नंदा देवी, केदार शिखर और हिमालय की अन्य बर्फ से ढकी चोटियों के विहंगम दृश्य यात्रियों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

मंदिर समिति के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि अब तक 60,962 पुरुष, 50,815 महिलाएं, 6,384 बच्चे, 151 साधु-संत तथा 69 विदेशी पर्यटक सहित कुल 1,18,381 श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि चोपता से सीधे चंद्रशिला जाने वाले पर्यटकों का विवरण मंदिर समिति के आंकड़ों में शामिल नहीं किया जाता।

रिकॉर्ड यात्रा का सबसे अधिक लाभ चोपता, बणियाकुंड, दुगलबिट्टा और आसपास के क्षेत्रों के पर्यटन कारोबार को मिला है। होटल, होमस्टे, कैंप, रेस्टोरेंट, स्थानीय दुकानें, घोड़ा-खच्चर संचालक और टैक्सी व्यवसायियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। स्थानीय युवाओं के लिए भी स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में तुंगनाथ पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें आम दृश्य बन गई हैं।

पूर्व शिक्षाविद् धीर सिंह नेगी का कहना है कि यदि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए पार्किंग, पेयजल, शौचालय, कचरा प्रबंधन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाए तो तुंगनाथ धाम वर्षभर धार्मिक और प्रकृति पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज, वन विभाग, व्यापार संघ और स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से सुरक्षा, स्वच्छता और यात्रा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यही कारण है कि हर साल तुंगनाथ धाम की लोकप्रियता बढ़ रही है और श्रद्धालुओं का विश्वास भी मजबूत होता जा रहा है।

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