नारायणबगड़ में कुत्तों का आतंक, चार दिन स्कूल बंद,
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला
ऑनलाइन पढ़ाई रहेगी जारी; वन विभाग ने शुरू किया अभियान
गिरीश चंदोला नारायणबगड़। क्षेत्र में आवारा और आक्रामक कुत्तों का आतंक बढ़ने से लोगों में दहशत है। कुत्तों के हमले की घटनाओं को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए नारायणबगड़ क्षेत्र के विद्यालयों में चार दिन का अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान विद्यालयों में भौतिक कक्षाएं संचालित नहीं होंगी, जबकि विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन जारी रहेगी।
जिला शिक्षा अधिकारी, चमोली की ओर से जारी आदेश के तहत क्षेत्र के सरकारी, अर्द्धसरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल प्रबंधन को विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं संचालित करने को कहा गया है।
बाजार और आसपास बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार नारायणबगड़ बाजार और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से कई आवारा कुत्ते आक्रामक हो गए हैं। कुत्तों के हमले में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। इसके बाद बाजार में आवाजाही करने वाले लोगों के साथ ही अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने विद्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया है, ताकि बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलना पड़े।
वन विभाग की टीम ने पकड़े कुत्ते
कुत्तों के आतंक की सूचना पर वन विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई है। बुधवार को टीम ने नारायणबगड़ बाजार क्षेत्र में घूम रहे कुछ आवारा कुत्तों को पकड़कर कार्रवाई की। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर कुत्तों की तलाश की जा रही है।
आक्रामक कुत्तों की बढ़ती संख्या पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अचानक आक्रामक कुत्तों की संख्या बढ़ने से स्थिति चिंताजनक हो गई है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से अभियान चलाकर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
बारिश नहीं, कुत्तों का आतंक बना स्कूल बंद होने की वजह
नारायणबगड़ क्षेत्र में इन दिनों लगातार बारिश के कारण भी जनजीवन प्रभावित है, लेकिन विद्यालयों में अवकाश का कारण मौसम नहीं बल्कि कुत्तों का बढ़ता आतंक है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया यह फैसला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
