
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और पिंडर नदी में प्रदूषण फैलाने का आरोप, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
थराली, गिरीश चंदोला । सुनला क्षेत्र में संचालित अभ्युदय स्टोन क्रेशर के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने क्रेशर प्रबंधन पर निर्धारित क्षमता से अधिक भंडारण, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी के आरोप लगाते हुए प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों ने साफ किया है कि तय समय के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे न्यायालय की शरण लेंगे।
अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि चमोली-कर्णप्रयाग-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे कुलसारी मल्लाबगड़ तोक में अभ्युदय स्टोन क्रेशर द्वारा बड़े पैमाने पर सामग्री का भंडारण किया गया है। आरोप है कि भंडारण का एक हिस्सा निजी नाप भूमि तथा दूसरा हिस्सा सरकारी भूमि पर किया गया है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्रेशर संचालन के दौरान धूल नियंत्रण के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया जाता, जिससे आसपास के गांवों में धूल प्रदूषण बढ़ रहा है। वहीं, जब पानी का छिड़काव किया जाता है तो उसका दूषित पानी सीधे पिंडर नदी में छोड़ा जाता है, जो पर्यावरणीय मानकों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के विपरीत है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीण खिलाफ सिंह, नैन सिंह खत्री समेत अन्य लोगों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।
कोर्ट जाने की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर भंडारण, अतिक्रमण और प्रदूषण संबंधी शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से जनहित और पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए शीघ्र कदम उठाने की मांग की है।
