
गोपेश्वर/पीपलकोटी। नगर पंचायत पीपलकोटी की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के समाधान की उम्मीद एक बार फिर बढ़ गई है। बंड विकास संगठन ने गोपेश्वर में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर पीपलकोटी के लिए प्रस्तावित करीब 24 करोड़ रुपये की वृहद पेयजल योजना का शासनादेश (जीओ) शीघ्र जारी करने की मांग की।
संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पीपलकोटी चारधाम यात्रा के दौरान श्री बदरीनाथ धाम और श्री हेमकुंड साहिब जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं का प्रमुख पड़ाव है। इसके बावजूद नगर की करीब 45 से 50 वर्ष पुरानी पेयजल व्यवस्था वर्तमान जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। ऐसे में वृहद पेयजल योजना का जल्द क्रियान्वयन आवश्यक है।
संगठन के अनुसार इस योजना की पहल तत्कालीन पेयजल मंत्री स्वर्गीय प्रकाश पंत के कार्यकाल में हुई थी। जल निगम ने लुंदाऊँ गदेरा, मैनागांड़ सहित विभिन्न संभावित स्रोतों का सर्वेक्षण कर प्रारंभिक चरण में करीब 13 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की थी। हालांकि कोरोना काल और अन्य कारणों से योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
बाद में बंड विकास संगठन, जनप्रतिनिधियों और नगर पंचायत के प्रयासों से योजना की संशोधित करीब 24 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई। संगठन का दावा है कि अधिकांश औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और 14 जुलाई 2026 को केंद्र स्तर से भी स्वीकृति मिल चुकी है। अब योजना अंतिम प्रशासनिक प्रक्रिया में है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि एक माह के भीतर योजना का शासनादेश जारी करने का प्रयास किया जाएगा।
बंड विकास संगठन ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना के धरातल पर उतरने से न केवल पीपलकोटी की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान होगा, बल्कि चारधाम यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर अतुल शाह, देवेंद्र नेगी, हरीश पुरोहित, दीपक पंत, शंभू प्रसाद सती, नगर पंचायत पार्षद अनिल जोशी, मनोरमा चौधरी सहित अन्य उपस्थित रहे।
