गौचर में ताला तोड़कर चांदी के कंगन-पायल समेत सामान उड़ाया था, पुलिस ने बरामद किया चोरी का माल
केएस असवाल गौचर, चमोली। बंद घर का ताला तोड़कर चोरी करने के मामले का कर्णप्रयाग पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए एक शातिर आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किए गए दो जोड़ी चांदी के कंगन, दो जोड़ी पायल, सूटकेस और जैकेट बरामद की है। पुलिस के मुताबिक आरोपित के विरुद्ध चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी जिले के विभिन्न थानों में चोरी समेत कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
गौचर के वार्ड नंबर छह, केशवास स्कूल के पास निवासी सत्यपाल सिंह चौधरी ने 20 अगस्त को कोतवाली कर्णप्रयाग में तहरीर दी थी। बताया कि वह उपचार के लिए देहरादून गए थे। वापस लौटने पर घर का ताला टूटा मिला। घर से उनके नाती के दो जोड़ी चांदी के कंगन, दो जोड़ी पायल, सूटकेस और एक जैकेट गायब थे। चोरों ने अलमारियों के ताले तोड़कर उन्हें भी क्षतिग्रस्त कर दिया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में 14-15 अगस्त की रात करीब 11 बजे से सुबह चार बजे के बीच एक संदिग्ध व्यक्ति ग्रिफ चौक से पीड़ित के घर की ओर जाता दिखाई दिया।
फुटेज से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। पुलिस टीम ने शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे गौचर-रुद्रप्रयाग मोटर मार्ग पर सरस्वती विद्या मंदिर के आगे प्रतीक्षालय के पास संदिग्ध उमेद सिंह भंडारी (35) निवासी ग्राम कंडारा, कर्णप्रयाग को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से चोरी का सामान बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपित ने चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। पुलिस ने आरोपित को आवश्यक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया।
पहले भी दर्ज हैं चोरी के मुकदमे
पुलिस के अनुसार उमेद सिंह चोरी की घटनाओं का अभ्यस्त अपराधी है। उसके विरुद्ध रुद्रप्रयाग, श्रीनगर पौड़ी, पौड़ी और कर्णप्रयाग में वर्ष 2017 से 2024 के बीच चोरी, चोरी का माल रखने और आर्म्स एक्ट के तहत छह मुकदमे दर्ज हैं।
यह रही पुलिस टीम
चौकी प्रभारी गौचर उपनिरीक्षक मानवेन्द्र गुसाईं, हेड कांस्टेबल अशोक रावत, हेड कांस्टेबल हरेंद्र नेगी और होमगार्ड विपिन राणा।

