
चमोली के 27 नए गांव ट्रैकिंग-टूरिज्म से जुड़ेंगे, होम-स्टे योजना को मिलेगा बढ़ावा
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने जारी की अधिसूचना
ज्योतिर्मठ, कर्णप्रयाग, दशोली और नारायणबगड़ ब्लॉक के गांव शामिल
स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर
संजय कुंवर
गोपेश्वर। चमोली जिले में पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने ट्रैकिंग डेस्टिनेशन सेंटर होम-स्टे अनुदान योजना के तहत कई नए गांवों को अधिसूचित किया है। जारी अधिसूचना के अनुसार जिले के विभिन्न विकासखंडों के 27 नए गांवों को ट्रैकिंग-टूरिज्म नेटवर्क से जोड़ा गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर होम-स्टे व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।
परिषद द्वारा जारी आदेश के अनुसार ज्योतिर्मठ विकासखंड के तपोवन, द्रोणागिरी और बणीज ट्रैकिंग सेंटरों में कई नए गांव शामिल किए गए हैं। वहीं कर्णप्रयाग के बेनीताल, दशोली के दुर्मीताल व रुद्रनाथ तथा नारायणबगड़ के खंकराखेत ट्रैकिंग डेस्टिनेशन सेंटरों का भी विस्तार किया गया है।
नई सूची में तपोवन, करछी, ढाक, बड़गांव, लाता, कुंडीखोला, पैंग, जेलम, फरखाती, लमतोली, सुराईथोटा, कलगोठ, एरखोड़ी, ब्यारा, सेजी, निजमुला, डुंगी, कसोला, नौगांव, हंसकोटी और गड़कोट समेत कई गांव शामिल हैं।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि पात्र लाभार्थियों को योजना नियमावली-2020 के तहत होम-स्टे संचालन के लिए अनुदान दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया समिति की संस्तुति और जिला प्रशासन के परीक्षण के बाद पूरी की जाएगी।
पर्यटन विभाग के अनुसार योजना का उद्देश्य सीमांत और ट्रैकिंग रूट से जुड़े गांवों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना और पलायन रोकना है। होम-स्टे योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

