
ज्योतिर्मठ में दिखा ‘सुखारिया’ पक्षी, बर्ड वाचर्स में बढ़ी उत्सुकता
नन्दा देवी बफर जोन में पहली बार दिखा ईस्टर्न कैटल एग्रेट
बदलते मौसम के साथ पहाड़ों की ओर पहुंच रहे समर विजिटर बर्ड्स
ज्योतिर्मठ, पहाड़ रफ्तार टीम। पहाड़ों में बढ़ते तापमान के बीच इन दिनों ज्योतिर्मठ में कई दुर्लभ और आकर्षक प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी पक्षी प्रेमियों को रोमांचित कर रही है। नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क के बफर जोन स्थित नरसिंह मंदिर OMP बर्ड साइट में इन दिनों ईस्टर्न कैटल एग्रेट यानी पूर्वी मवेशी बगुला सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोग इसे “सुखारिया” पक्षी के नाम से भी जानते हैं।
स्थानीय निवासी विजय डिमरी ने बताया कि उन्होंने अपने घर के बाहर पेड़ पर बैठे इस सफेद पक्षी को देखा। उनके अनुसार क्षेत्र में इस तरह का पक्षी पहली बार दिखाई दिया है। वहीं सुबह बर्ड वाचिंग के दौरान स्थानीय बर्ड एक्सपर्ट ने भी इस पक्षी को ऑब्जर्व किया। उन्होंने इसकी पहचान ईस्टर्न कैटल एग्रेट के रूप में की।
संजय कुंवर के मुताबिक यह आकर्षक नर पक्षी बड़े शाही अंदाज में पेड़ पर बैठा नजर आया और लगातार अपने पंख फड़फड़ाता रहा। इससे पहले भी इसी क्षेत्र में इंडियन पॉन्ड हेरॉन यानी अंधा बगुला देखा जा चुका है। ऐसे में नरसिंह मंदिर क्षेत्र अब बगुला प्रजाति के पक्षियों का नया हॉटस्पॉट बनता दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार ईस्टर्न कैटल एग्रेट बगुलों की प्रजाति का सफेद पक्षी है, जो भारत समेत दक्षिण और पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में पाया जाता है। प्रजनन के मौसम में इसके पंख हल्के पीले रंग के हो जाते हैं। यह पक्षी मौसम और भोजन की उपलब्धता के अनुसार छोटी और लंबी दूरी का प्रवास भी करता है।
जानकारों का कहना है कि जलमग्न घास के मैदान, खेत, चारागाह और आर्द्र भूमि इस पक्षी के पसंदीदा आवास होते हैं। ज्योतिर्मठ क्षेत्र में इनकी बढ़ती मौजूदगी स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

