
आदमखोर गुलदार पर एक्शन, तीन पिंजरे और 20 कैमरों से निगरानी
जसपाल नेगी
पोखड़ा : विकासखंड पोखड़ा के भतकोट गांव में चार साल की बच्ची को निवाला बनाने वाले गुलदार को लेकर वन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। गुलदार को पकड़ने के सभी प्रयासों के साथ-साथ उसे मार गिराने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
गौरतलब है कि बीते गुरुवार देर रात गुलदार ने भतकोट गांव में एक चार वर्षीय बच्ची पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश भी देखा जा रहा है।
डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि क्षेत्र की संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक अनुमति का अनुरोध किया गया था। इसके बाद वन संरक्षक, गढ़वाल वृत्त ने गुलदार को पहले पिंजरे में कैद करने और ट्रैंक्युलाईज कर पकड़ने की अनुमति दी है। साथ ही, यदि सभी प्रयास विफल रहते हैं तो अंतिम विकल्प के रूप में उसे मारने की भी अनुमति दी गई है।
वन विभाग के अनुसार यह अनुमति केवल चिन्हित गुलदार के लिए ही मान्य होगी और आदेश जारी होने की तिथि से एक माह तक प्रभावी रहेगा। गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में तीन पिंजरे और 20 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा दो लाइसेंसधारी शिकारियों की तैनाती की गई है। आधुनिक तकनीक के तहत ड्रोन और अन्य निगरानी साधनों का भी उपयोग किया जा रहा है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए विभाग ने व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। एहतियातन प्रभावित क्षेत्र के विद्यालयों में 6 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। विद्यालय खुलने के बाद बच्चों की सुरक्षा के लिए वन और राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा उन्हें घर से स्कूल और वापस छोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।
डीएफओ ने बताया कि ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए वन विभाग द्वारा पालतू मवेशियों के लिए चारा-पत्ती की व्यवस्था भी की जा रही है। यह सभी व्यवस्थाएं तब तक जारी रहेंगी, जब तक गुलदार को पकड़ या मार नहीं गिराया जाता और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती।

