
कर्णप्रयाग, केएस असवाल संवाददाता। महिला बेस अस्पताल सिमली में विशेषज्ञ चिकित्सकों और मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर विरोध तेज हो गया है। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष ने शनिवार को सिमली बाजार में सत्याग्रह शुरू कर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उमेश खंडूड़ी ने कहा कि करीब एक दशक पूर्व चमोली जिले के केंद्र बिंदु सिमली में महिला बेस अस्पताल की स्वीकृति मिली थी और करोड़ों रुपये की लागत से भवन का निर्माण भी किया गया, लेकिन आज तक अस्पताल में अपेक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिससे क्षेत्र की जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट और फिजीशियन की तैनाती की मांग की। साथ ही एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड तकनीशियन, पैथोलॉजी लैब, ऑपरेशन थिएटर सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं तत्काल शुरू करने की मांग उठाई।
खंडूड़ी ने कहा कि यदि अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं जल्द बहाल नहीं की गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है।
सत्याग्रह को ग्राम प्रधान धीरेंद्र भंडारी, चंद्रशेखर मैठाणी, टीका प्रसाद डिमरी, अनुसूया प्रसाद नैनवाल सहित कई जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का समर्थन मिला। आंदोलनकारियों ने अस्पताल में जल्द विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग की है।
