संजय कुंवर ज्योतिर्मठ/गोपेश्वर। श्रावण मास के पहले सोमवार पर पूरे चमोली जनपद में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ब्रह्म मुहूर्त से ही जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष, शंखनाद और मंदिरों की घंटियों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
उच्च हिमालय स्थित रुद्रनाथ धाम, कल्पेश्वर महादेव, आदि केदार बदरीनाथ धाम, ज्योतेश्वर महादेव (ज्योतिर्मठ), गोपीनाथ मंदिर, भविष्य केदार, भद्रेश्वर महादेव, भल्लेश्वर महादेव सहित जिले के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे। श्रद्धालु हाथों में गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पूजा सामग्री लेकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना करते नजर आए।
आदि गुरु शंकराचार्य की तपस्थली ज्योतिर्मठ स्थित प्राचीन ज्योतेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए पूरे श्रद्धाभाव से भगवान शिव का जलाभिषेक करते रहे। मंदिर परिसर में छोटे-छोटे बच्चे भगवान लड्डू गोपाल को सुंदर संजोई में सजाकर शिव दर्शन के लिए पहुंचे, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
सावन के पहले सोमवार के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन के प्रत्येक सोमवार को व्रत रखकर जल, दुग्ध, पंचगव्य और बेलपत्र से शिवलिंग का अभिषेक करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होकर मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
श्रावण मास के पहले सोमवार पर जिले के सभी प्रमुख शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा और पूरा चमोली शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
