
बागेश्वर के नवाचार अब चमोली के स्कूलों में होंगे लागू
केएस असवाल गौचर। चमोली जिले के शिक्षकों और डीएलएड प्रशिक्षुओं के 44 सदस्यीय दल ने बागेश्वर जिले के विद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों का दो दिवसीय शैक्षिक अनुश्रवण किया। दल ने विभिन्न स्कूलों में संचालित नवाचारों, छात्र-केंद्रित शिक्षण प्रणाली, तकनीकी शिक्षा और पुस्तकालय व्यवस्थाओं का अध्ययन किया। दल का नेतृत्व मुख्य शिक्षा अधिकारी ने किया।

दल ने पीएमश्री राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय कपकोट का निरीक्षण किया। यहां विद्यार्थियों की अनुशासनप्रियता, गतिविधि आधारित शिक्षण और शिक्षकों की सक्रियता की सराहना की गई। विद्यालय में छात्र संख्या वर्ष 2016 के 38 से बढ़कर वर्तमान में 325 पहुंचने को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का परिणाम बताया गया।
इसके बाद दल ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय उतरौड़ा और राजकीय जूनियर हाईस्कूल पनौरागूंठ का अनुश्रवण किया। कस्तूरबा विद्यालय में छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही आवासीय एवं शैक्षिक सुविधाओं की जानकारी ली गई। वहीं पनौरागूंठ विद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को सराहा गया।
दूसरे दिन दल ने डायट बागेश्वर पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रमों और नवाचारों की जानकारी ली। इस दौरान डायट बागेश्वर के प्राचार्य ने संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी।
दल ने अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज वज्यूला, प्राथमिक विद्यालय पिंगलो और जूनियर हाईस्कूल पिंगलो का भी निरीक्षण किया। यहां पुस्तकालय, रेडक्रॉस गतिविधियों और कंप्यूटर शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने बताया कि भ्रमण दल के सदस्यों को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर बागेश्वर के सफल शैक्षिक मॉडल को चमोली के विद्यालयों में लागू करने की योजना बनाई जाएगी।
