
जोशीमठ में विक्रमी संवत् 2083 पर आरएसएस का भव्य पथ संचलन, गूंजे देशभक्ति के नारे
अनुशासन, एकता और संगठन शक्ति का दिखा प्रभावशाली प्रदर्शन, नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
संजय कुंवर
जोशीमठ : हिंदू नववर्ष विक्रमी संवत् 2083 के शुभारंभ, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर जोशीमठ में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने पूर्ण अनुशासन और उत्साह के साथ नगर में संचलन कर भारतीय संस्कृति और संगठन शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
पथ संचलन का शुभारंभ विद्या मंदिर इंटर कॉलेज से हुआ, जो मारवाड़ी चौक, मुख्य बाजार होते हुए तपोवन टैक्सी स्टैंड पर संपन्न हुआ। गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने कदमताल करते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से संचलन किया। “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
इस कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के स्वयंसेवकों की भागीदारी देखने को मिली, जिससे संगठन की व्यापकता और सामाजिक समरसता का संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया। नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया और आयोजन की सराहना की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ने कहा कि हिंदू नववर्ष हमारी सनातन परंपरा का प्रतीक है, जो हमें नई ऊर्जा, सकारात्मकता और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन समाज में अनुशासन, एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर विभाग प्रचार प्रमुख शम्भू प्रसाद चमोला, नगर संचालक दाता राम मिश्रा, नगर कार्यवाह दरवेश्वर प्रसाद थपलियाल, सह नगर कार्यवाह प्रकाश पंवार, नगर बौद्धिक प्रमुख बद्री सिंह नेगी, नगर संपर्क प्रमुख मूर्ति राम नौटियाल सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग किया।
