चमोली : थराली-देवाल मोटर मार्ग पर भारी भूस्खलन, कब होगा स्थायी समाधान?

Team PahadRaftar

थराली-देवाल मोटर मार्ग पर भारी भूस्खलन, कब होगा स्थायी समाधान?

गिरीश चंदोला, थराली। पहाड़ में बारिश केवल रास्ते नहीं रोक रही, बल्कि ग्रामीणों की जिंदगी की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा रही है। चमोली जिले में लगातार बारिश के बीच जगह-जगह भूस्खलन से सड़कें बाधित हैं। थराली-देवाल मोटर मार्ग पर नंदकेसरी और कोठी के बीच पहाड़ी लगातार दरक रही है। भारी मलबा और पत्थर गिरने से आवाजाही जोखिम भरी हो गई है।

बारिश के दौरान पहाड़ी से अचानक मलबा और पत्थर गिरने की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के पास कोई व्यवहारिक वैकल्पिक मार्ग नहीं होने के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर इसी सड़क से आवाजाही करनी पड़ रही है। वाहन चालकों और राहगीरों पर हर समय खतरा मंडरा रहा है।

सोल घाटी का संपर्क भी प्रभावित

थराली, देवाल और नारायणबगड़ क्षेत्र में बारिश के साथ भूस्खलन की समस्या बढ़ती जा रही है। सोल घाटी को जोड़ने वाला मुख्य मोटर मार्ग भी कई स्थानों पर भूस्खलन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण घाटी के ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

देवाल-मेलखेत मार्ग कई दिनों से बंद

देवाल विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्रों को ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ने वाले देवाल-मेलखेत मोटर मार्ग पर सियालकोट के समीप भारी भूस्खलन हुआ है। मार्ग कई दिनों से आवाजाही के लिए बाधित है। सड़क बंद होने के कारण ग्रामीण पैदल रास्तों का सहारा लेने को मजबूर हैं। लोगों को दुर्गम और जोखिम भरे पहाड़ी रास्तों से लंबी दूरी तय कर देवाल पहुंचना पड़ रहा है।

सड़क बंद, हजारों की आबादी परेशान

सड़कों के बार-बार बाधित होने से क्षेत्र की हजारों की आबादी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के लिए सड़क बाजार, अस्पताल, स्कूल और सरकारी सेवाओं तक पहुंचने की मुख्य कड़ी है। ऐसे में सड़क बंद होने से रोजमर्रा की जरूरतों के साथ ही मरीजों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि हर बरसात में भूस्खलन के बाद सड़क खोलने की कवायद शुरू हो जाती है, लेकिन स्थायी समाधान कब होगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। संवेदनशील स्थानों पर केवल मलबा हटाकर यातायात बहाल करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। पहाड़ी के ट्रीटमेंट और सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से भूस्खलन प्रभावित स्थानों का स्थायी उपचार कराने, सड़क को सुरक्षित बनाने और बंद मार्गों पर शीघ्र यातायात बहाल करने की मांग की है।

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