ग्वालदम में कुत्ते का मांस बेचने की अफवाह से मचा हड़कंप
जंगली जानवर का मांस बताकर बेचने की चर्चा, पुलिस ने कथित आरोपित से की पूछताछ; जांच में नहीं मिला साक्ष्य
गिरीश चंदोला ग्वालदम। गढ़वाल-कुमाऊं की मध्यस्थली और प्रमुख पर्यटन नगरी ग्वालदम में जंगली जानवर का मांस बताकर कुत्ते का मांस बेचे जाने की अफवाह से चर्चाओं का बाजार गर्म है। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद पुलिस ने कथित आरोपित से पूछताछ की और उसके घर की जांच भी की। हालांकि, अब तक पुलिस को ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे आरोपों की पुष्टि हो सके।
क्षेत्र में चर्चा है कि ग्वालदम के करुणापानी क्षेत्र के एक युवक ने कथित तौर पर कुत्तों को काटकर उनका मांस जंगली जानवर का मांस बताकर बेचा। यह भी कहा जा रहा है कि कुछ लोगों ने कथित रूप से मांस खरीदा। हालांकि, पुलिस के सामने अब तक ऐसा कोई व्यक्ति नहीं आया है, जिसने मांस खरीदने की पुष्टि की हो।
यह चर्चा ग्वालदम बाजार से थराली तहसील मुख्यालय, देवाल ब्लाक मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। कुछ लोगों का दावा है कि पिछले दिनों बाजार क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या कम दिखाई दे रही है। हालांकि, कुत्तों के गायब होने और कथित मांस बिक्री के बीच कोई संबंध होने की भी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने की जांच
अफवाह की जानकारी मिलने पर थराली पुलिस सक्रिय हुई। थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया और ग्वालदम चौकी प्रभारी लक्ष्मण नेगी ने कथित आरोपित से पूछताछ की। पुलिस ने उसके घर की भी जांच की, लेकिन ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, जिससे कुत्ते का मांस बेचे जाने की पुष्टि हो सके।
पुलिस के अनुसार मामले में अभी तक किसी व्यक्ति ने मांस खरीदने की बात नहीं कही है। न ही थाने या पुलिस चौकी में इस संबंध में कोई लिखित शिकायत मिली है। ऐसे में फिलहाल पूरा मामला अफवाह और अपुष्ट चर्चाओं तक सीमित है।
बिना पुष्टि अफवाह फैलाने से बचें
स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला संवेदनशील होने के कारण इसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है। वहीं, पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना उचित नहीं है। लोगों से अपील है कि बिना पुष्टि किसी भी सूचना को आगे प्रसारित न करें, जिससे क्षेत्र में अनावश्यक भय या भ्रम की स्थिति पैदा हो।
