
डूंगरी ला पहुंचकर पूरा किया ‘रन फॉर ग्रीन’, हिमालयी जैव विविधता संरक्षण का दिया संदेश
संजय कुंवर
ज्योतिर्मठ। हिमालय की दुर्गम ऊंचाइयों पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर निकले सिक्किम के तीन अल्ट्रा मैराथन धावकों ने शुक्रवार को 18 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित डूंगरी ला (माणा पास) पहुंचकर ‘रन फॉर ग्रीन लेगेसी’ अभियान पूरा किया। रुद्रप्रयाग संगम से शुरू हुआ यह सफर चमोली, ज्योतिर्मठ, बदरीनाथ और माणा होते हुए भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र के घसतोली से डूंगरी ला तक पहुंचा।

सिक्किम वन विभाग से जुड़े वन अधिकारी एवं वनस्पति शास्त्री अनूप ज्योति बनिया के नेतृत्व में भूपेंद्र हंग सुब्बा और बसंत प्रधान ने कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण पहाड़ी परिस्थितियों के बीच अभियान पूरा किया।
दौड़ के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
ज्योतिर्मठ स्थित नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क गेस्ट हाउस में अभियान के अनुभव साझा करते हुए टीम लीडर अनूप ज्योति बनिया ने कहा कि माणा पास तक दौड़ना अपने आप में चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा। अभियान का उद्देश्य केवल निर्धारित दूरी पूरी करना नहीं, बल्कि देश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पहुंचकर जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि टीम अलग-अलग मौसम में देश के 10 उच्च हिमालयी दर्रों और कॉरिडोर को ‘ग्रीन रन’ के तहत पार करने की योजना पर काम कर रही है। उमलिंग ला, खारदुंग ला और डोंगखा ला के बाद डूंगरी ला भी इस अभियान का हिस्सा बन गया है।
सीमांत पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी चमोली के अध्यक्ष विवेक पंवार ने कहा कि इस तरह के अभियान सीमांत क्षेत्रों में साहसिक और सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने तीनों धावकों को अभियान की सफलता पर शुभकामनाएं दीं।

