चमोली : बदरीनाथ मास्टर प्लान में प्रभावितों को प्राथमिकता, पारदर्शी तरीके से होगा परिसंपत्तियों का आवंटन

Team PahadRaftar

दुकानों के आकार, स्थान और आवंटन प्रक्रिया पर हितधारकों ने रखे सवाल; डीएम ने फसाड कार्यों में तेजी और गुणवत्ता के दिए निर्देश

संजय कुंवर

बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों को लेकर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने शनिवार को स्थानीय हितधारकों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा की। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रभावित लोगों, तीर्थ पुरोहितों, व्यापारियों तथा संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों से सुझाव लिए गए। साथ ही परिसंपत्तियों के आवंटन और निर्माण कार्यों को लेकर लोगों की शंकाओं का समाधान किया गया।

मास्टर प्लान के तहत नव निर्मित परिसंपत्तियों के आवंटन को लेकर बैठक में विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि मास्टर प्लान से प्रभावित लोगों और स्थानीय निवासियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए। उन्होंने कहा कि धाम में विकसित की जा रही परिसंपत्तियों का लाभ पात्र एवं प्रभावित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर मिलना चाहिए।

दुकानों के आकार और स्थान पर उठे सवाल

हितधारकों ने दुकानों के आवंटन के साथ उनके आकार, स्थान, उपयोगिता और आवंटन प्रक्रिया को लेकर विभिन्न सुझाव और जिज्ञासाएं रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने और स्थानीय लोगों की शंकाओं का निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बदरीनाथ में विकास कार्यों के साथ प्रभावित और स्थानीय लोगों की सुविधाओं एवं आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है।

चरणबद्ध तरीके से होगी शिफ्टिंग

उपजिलाधिकारी जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ट ने बताया कि मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई परिसंपत्तियों और अन्य सुविधाओं में चरणबद्ध तरीके से शिफ्टिंग की जाएगी। लाभार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद उन्हें चरणवार स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे पुनर्व्यवस्थापन की प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से पूरी हो सके।

फसाड कार्यों में तेजी के निर्देश

जिलाधिकारी ने मास्टर प्लान के तहत चल रहे फसाड कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम की एकरूपता, सुंदरता और ऐतिहासिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप फसाड कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।

उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बदरीनाथ धाम को विश्वस्तरीय, सुव्यवस्थित और सुरक्षित तीर्थनगरी के रूप में विकसित करने में स्थानीय हितधारकों के सुझाव और सहयोग महत्वपूर्ण हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ट, जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ समेत संबंधित विभागों, कार्यदायी संस्थाओं और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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