
केदारभूमि की आस्था और विरासत का आईना है ‘पूरा केदार दर्शन’, 13 सितंबर को होगा विमोचन
लक्ष्मण नेगी रुद्रप्रयाग। केदारभूमि की धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत अब एक पुस्तक में समेटी गई है। युवा लेखक एवं कवि सतपाल की पुस्तक ‘पूरा केदार दर्शन’ का भव्य विमोचन 13 सितंबर को राजकीय इंटर कॉलेज चंद्रनगर में होगा। पुस्तक विमोचन के साथ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समारोह का आयोजन भी किया जाएगा।
शुक्रवार को रुद्रप्रयाग के होटल जीएम रेजीडेंसी में आयोजित प्रेस वार्ता में लेखक सतपाल ने पुस्तक की विषयवस्तु और समारोह की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ‘पूरा केदार दर्शन’ केवल पुस्तक नहीं, बल्कि केदारभूमि की सामूहिक आस्था और विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास है।
उन्होंने बताया कि पुस्तक में जनपद के विभिन्न धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों के साथ उनके आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को सामने रखा गया है। इसका उद्देश्य केदारभूमि पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को यहां के प्रमुख स्थलों की समग्र जानकारी उपलब्ध कराना है। पुस्तक को इस तरह तैयार किया गया है कि यह वर्षभर श्रद्धालुओं के लिए केदारभूमि की मार्गदर्शिका के रूप में उपयोगी साबित हो सके।
कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी
लेखक ने बताया कि 13 सितंबर को सुबह नौ बजे राजकीय इंटर कॉलेज चंद्रनगर में समारोह का शुभारंभ होगा। इसमें पुस्तक विमोचन के साथ साहित्यिक संगोष्ठी और कवि सम्मेलन आयोजित होगा। गीत-संगीत व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां समारोह का आकर्षण रहेंगी। छात्र-छात्राएं भी विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को ‘केदार दर्शन सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शासन-प्रशासन के अधिकारियों, साहित्यकारों, कवि-लेखकों, कलाकारों, लोकगायकों, समाजसेवियों, महिला मंगल दलों और छात्र-छात्राओं के शामिल होने की उम्मीद है।
आयोजकों ने बताया कि समारोह के माध्यम से केदारभूमि की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ इन्हें व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

