नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के कोर जोन में 7 जून से शुरू होगा जैव विविधता अनुश्रवण अभियान
संजय कुंवर ज्योतिर्मठ। विश्व धरोहर की जैव विविधता और संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र के अध्ययन के लिए 7 जून से ‘नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क जैव विविधता अनुश्रवण अभियान-2026’ शुरू होगा। 22 सदस्यीय वैज्ञानिक दल पार्क के दुर्गम कोर जोन में पहुंचकर दुर्लभ वनस्पतियों, वन्यजीवों और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन करेगा।

अभियान से पूर्व गुरुवार को ज्योतिर्मठ स्थित वन विश्राम गृह में आयोजित प्रेस वार्ता में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ ने अभियान दल को ब्रीफ किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक ट्रेकिंग अभियान नहीं, बल्कि जैव विविधता अनुश्रवण और वैज्ञानिक शोध यात्रा है, जिसका उद्देश्य हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में हो रहे परिवर्तनों का आकलन करना है।
उन्होंने बताया कि यह अभियान प्रत्येक दस वर्ष में आयोजित किया जाता है। इससे पहले वर्ष 2015 में विशेषज्ञों की टीम ने राष्ट्रीय पार्क के आंतरिक क्षेत्रों का अध्ययन किया था। इस बार भी वैज्ञानिक पार्क के कोर जोन में वनस्पतियों, वन्यजीवों और पर्यावरणीय परिस्थितियों का विस्तृत सर्वेक्षण करेंगे।
अभियान में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय प्राणी सर्वेक्षण, गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान तथा वन विभाग के वैज्ञानिक शामिल हैं। 22 सदस्यीय दल को 7 जून को ज्योतिर्मठ से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार जलवायु परिवर्तन के वर्तमान दौर में यह अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है। अभियान से प्राप्त आंकड़े हिमालयी जैव विविधता के संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और पर्यावरणीय नीतियों के निर्माण में सहायक होंगे। साथ ही भविष्य की संरक्षण रणनीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी।
डीएफओ अभिमन्यु सिंह ने कहा कि नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क का कोर जोन जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध और संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में इस अध्ययन से क्षेत्र की वर्तमान पारिस्थितिक स्थिति की वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त होगी, जो संरक्षण कार्यों के लिए उपयोगी साबित होगी।

