
2.14 करोड़ की पार्किंग बनी शोपीस, हाईवे किनारे वाहन खड़े करने को मजबूर लोग
केएस असवाल गौचर। नगर पालिका गौचर में करीब 2.14 करोड़ रुपये की लागत से बनी पार्किंग आम लोगों के किसी काम नहीं आ रही है। अप्रैल माह में जिला प्राधिकरण को हस्तांतरित होने के बावजूद पार्किंग का संचालन शुरू नहीं हो सका है। नतीजतन वाहन चालक आज भी ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वाहन खड़े करने को मजबूर हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
नगर क्षेत्र में वर्षों से पार्किंग की समस्या बनी हुई है। सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतारें लगने से आए दिन जाम की स्थिति पैदा होती है। तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर कई बार सड़क किनारे खड़े वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि राहगीरों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए गौचर हवाई पट्टी के प्रवेश द्वार के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी पार्किंग का निर्माण जल निगम के माध्यम से कराया था। निर्माण पूरा होने के बाद अप्रैल माह में इसे जिला प्राधिकरण को सौंप दिया गया, लेकिन अब तक पार्किंग का लाभ लोगों को नहीं मिल पाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्किंग के प्रवेश द्वार पर बिजली के तारों का गुच्छा लटक रहा है। इसी कारण वाहन पार्किंग के भीतर प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं और करोड़ों रुपये की पार्किंग शोपीस बनकर रह गई है।
क्या कहते हैं अधिकारी
जल निगम के अवर अभियंता नितिन नेगी ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पार्किंग अप्रैल माह में जिला प्राधिकरण को हस्तांतरित कर दी गई थी। वहीं जिला प्राधिकरण के सहायक अभियंता अभिषेक ने कहा कि उनकी ओर से पार्किंग खुली है। प्रवेश द्वार पर लटक रहे तारों की जानकारी मिलने पर उन्होंने संबंधित अवर अभियंता को अवगत कराकर जल्द समस्या का समाधान कराने की बात कही।

