
भगवान कार्तिकेय की चल विग्रह उत्सव मूर्तियों के पहुंचने पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
संवाद सूत्र, ऊखीमठ: देव सेनापति भगवान कार्तिकेय की तपस्थली कुमार लोक में शुक्रवार से 11 दिवसीय महायज्ञ एवं पुराण वाचन का शुभारंभ हो गया। शीतकालीन गद्दी स्थल सुवारी ग्वास घिमतोली से भगवान कार्तिकेय की चल विग्रह उत्सव मूर्तियां पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कुमार लोक पहुंचीं। इस दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया।

महायज्ञ के शुभारंभ के साथ ही पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। सुबह से ही मंदिर परिसर और यज्ञशाला में धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम शुरू हो गया था। आचार्यों एवं विद्वान ब्राह्मणों ने गणेश पूजन, कलश स्थापना, देव पूजन और यज्ञाचार्य वरण सहित विभिन्न वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए।
कुमार लोक पहुंचने पर भगवान कार्तिकेय की चल विग्रह उत्सव मूर्तियों की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद वेद ऋचाओं और मंगल मंत्रों के उच्चारण के साथ महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। हवन कुंडों में दी गई आहुतियों तथा शंखनाद और घंटियों की गूंज से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक माहौल में डूबा रहा।
कार्तिकेय मंदिर समिति के अध्यक्ष बिक्रम सिंह नेगी ने बताया कि 11 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन महायज्ञ, पुराण वाचन, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। क्षेत्र की सुख-समृद्धि, विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए विशेष अनुष्ठान भी किए जाएंगे।
समिति के सचिव बलराम सिंह नेगी ने बताया कि महायज्ञ के शुभारंभ को लेकर क्षेत्रीय जनता में भारी उत्साह है। दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन में भाग लेने पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोजन, पेयजल, आवास सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
प्रबंधक पूर्ण सिंह नेगी ने बताया कि आयोजन के प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने भगवान कार्तिकेय के दर्शन कर यज्ञ में आहुतियां देकर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। पुजारी नंदू पुरी ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से आयोजन में पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाने की अपील की है।
इस मौके पर उपाध्यक्ष उत्तराज नेगी, उप प्रबंधक रमेश सिंह नेगी, कथावाचक आचार्य वासुदेव प्रसाद थपलियाल, सुधीर नौटियाल, मगन सिंह नेगी, अर्जुन सिंह नेगी, भरत सिंह नेगी, लक्ष्मण सिंह नेगी, दिनेश सिंह नेगी, शंकर सिंह नेगी सहित कार्तिकेय मंदिर समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विद्वान आचार्य और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।

