गोपेश्वर में श्रम प्रवर्तन कार्यालय का निरीक्षण कर डीएम ने परखी व्यवस्था, टोकन और पंजीकरण प्रक्रिया की होगी समीक्षा
केएस असवाल चमोली, 22 अगस्त। श्रमिक कार्ड बनाने, पंजीकरण और नवीनीकरण के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि लिए जाने की शिकायतों पर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को उन्होंने गोपेश्वर में पुराने पेट्रोल पंप के समीप स्थित श्रम प्रवर्तन अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने श्रमिकों को दी जा रही सुविधाओं के साथ ही श्रमिक कार्ड निर्माण, टोकन व्यवस्था, आवेदनों और लंबित प्रकरणों की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिक कार्ड को लेकर सीमित संख्या में टोकन दिए जाने और निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को तत्काल व्यवस्थाओं की समीक्षा कर खामियां दूर करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान श्रम प्रवर्तन अधिकारी चाइल्ड रेस्क्यू अभियान में गए हुए थे। डीएम ने उन्हें शाम छह बजे कार्यालय में उपस्थित होकर सभी प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिक कार्ड बनाने की प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों, टोकन व्यवस्था, शुल्क और आवेदन प्रक्रिया की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
विकासखंडों में शुरू होगी कार्ड बनाने की व्यवस्था
डीएम ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से श्रमिक कार्ड बनाने वाले केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। जिन विकासखंडों में श्रमिक कार्ड बनाने का कार्य सौंपा गया है, वहां की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। किसी विकासखंड में कार्ड बनाने का काम नहीं होने पर कारणों की जांच कर तत्काल व्यवस्था शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों को निर्धारित शुल्क, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। आवेदन में किसी तरह की कमी होने पर श्रमिक को इसकी जानकारी देकर प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया जाए।
सामान्य श्रमिक बनकर परखी व्यवस्था
व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए डीएम ने उपजिलाधिकारी चमोली से सामान्य श्रमिक बनकर कार्यालय के बाहर चस्पा संपर्क नंबर पर फोन करवाया और श्रमिक कार्ड बनाने की प्रक्रिया तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
डीएम ने स्पष्ट किया कि निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि या किसी अन्य नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेने की शिकायत की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को सरल, पारदर्शी और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी राज कुमार पांडे सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
