
बदरीनाथ में लोक संस्कृति और सैन्य तकनीक का संगम
संजय कुंवर, बदरीनाथ धाम
बदरीनाथ धाम में आयोजित दो दिवसीय देवभूमि सांस्कृतिक उत्सव-2026 के दूसरे दिन लोक संस्कृति, स्थानीय हस्तशिल्प और आधुनिक सैन्य तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला। स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार किए गए स्थानीय उत्पाद और हस्तशिल्प प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहे। वहीं भारतीय सेना की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी में सैन्य साजो-सामान, तोपों के साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) तकनीक से लैस आधुनिक सैन्य उपकरणों की झलक देखने को मिली।
महोत्सव में लोकल फॉर वोकल की थीम को प्रमुखता दी गई। महिला स्वयं सहायता समूहों ने स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक हस्तशिल्प के माध्यम से पहाड़ की कला और हुनर को प्रदर्शित किया। देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने इन उत्पादों में रुचि दिखाई।
महोत्सव में पहुंचे विदेशी सैन्य अधिकारियों ने भी उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोक संगीत का आनंद लिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्हें देवभूमि की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता से रूबरू होने का अवसर मिला।
भारतीय सेना और जिला प्रशासन चमोली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी। मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में आयोजित इस पहल की सराहना की।
देवभूमि सांस्कृतिक उत्सव ने एक ओर जहां पहाड़ की लोक संस्कृति और परंपराओं को मंच प्रदान किया, वहीं स्थानीय उत्पादों को बाजार और पहचान दिलाने के साथ लोगों को भारतीय सेना की आधुनिक तकनीक से परिचित कराने का अवसर भी दिया।
