
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ। कालीमठ घाटी के शीर्ष पर जगत कल्याण की कामना को लेकर तपस्यारत भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा शनिवार को उषाडा गांव से भावुक विदाई के बाद अगले पड़ाव हूण्डू पहुंची। उषाडा में ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर मां से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। विदाई के दौरान महिलाओं समेत श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। मां के जयकारों और ढोल-दमाऊं की थाप के बीच ग्रामीणों ने दिवारा यात्रा को अगले पड़ाव के लिए विदा किया।

उषाडा से प्रस्थान के बाद दिवारा यात्रा के हूण्डू पहुंचने पर ग्रामीणों ने गांव की सीमा पर पहुंचकर मां चामुण्डा की अगवानी की। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर देवी का स्वागत किया। ढोल-दमाऊं की थाप और मां के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद लिया।
हर पड़ाव पर उमड़ रही आस्था
दिवारा यात्रा समिति के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह तिन्दोरी ने बताया कि भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा तीसरे चरण में विभिन्न गांवों का भ्रमण कर रही है। तुंगनाथ घाटी के गांवों में पहुंचने पर ग्रामीण पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ देवी का स्वागत कर रहे हैं। इससे पूरी घाटी में धार्मिक और सांस्कृतिक उल्लास का माहौल बना हुआ है।

समिति अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह सत्कारी ने कहा कि भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत स्वरूप है। जिन-जिन गांवों में देवी का प्रवास हो रहा है, वहां ग्रामीण श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं। तुंगनाथ घाटी के विभिन्न गांवों का भ्रमण और प्रवास पूरा करने के बाद दिवारा यात्रा भूवैकुंठ बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होगी।
परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ रही दिवारा यात्रा
पूर्व सूचना अधिकारी गजपाल भट्ट ने कहा कि पहाड़ की दिवारा यात्राएं लोक आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता की प्रतीक हैं। भगवती चामुण्डा की यात्रा से तुंगनाथ घाटी के गांवों में धार्मिक चेतना के साथ सांस्कृतिक उल्लास भी देखने को मिल रहा है। ऐसी यात्राएं नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं और पौराणिक मान्यताओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि उषाडा में मां को नम आंखों से विदा करने का दृश्य श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को दर्शाता है, जबकि हूण्डू में पुष्पवर्षा और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ हुआ स्वागत यात्रा के प्रति ग्रामीणों के उत्साह को दिखाता है।
बदरीनाथ धाम की ओर बढ़ेगी यात्रा
आगामी दिनों में भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा तुंगनाथ घाटी के विभिन्न गांवों का भ्रमण करेगी। प्रत्येक पड़ाव पर ग्रामीण पूजा-अर्चना कर देवी का आशीर्वाद लेंगे। तुंगनाथ घाटी का भ्रमण पूरा होने के बाद दिवारा यात्रा भूवैकुंठ मोक्षधाम बदरीनाथ धाम की ओर प्रस्थान करेगी। देवी के अगले पड़ावों को लेकर ग्रामीणों में उत्साह बना हुआ है और स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

