बदरीनाथ के बामणी गांव में तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ, देव फुलारी ब्रह्मकमल लेने नीलकंठ क्षेत्र रवाना

संजय कुंवर, बदरीनाथ धाम। बदरीनाथ धाम के स्थानीय हक-हकूकधारी बामणी गांव में मां नंदा देवी को समर्पित तीन दिवसीय नंदा अष्टमी लोक उत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को विधि-विधान से हुआ। पवित्र छतौलियों के पूजन के साथ शुरू हुए उत्सव में मां नंदा के भजनों और जागरों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
बदरीनाथ मंदिर से पवित्र छतौलियों को विशेष शुद्धिकरण पूजा-अर्चना के बाद गाजे-बाजे के साथ बामणी गांव स्थित मां नंदा देवी मंदिर लाया गया। यहां देव फुलारियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां नंदा की पूजा-अर्चना की। देव आज्ञा प्राप्त होने के बाद चार देव फुलारी उच्च हिमालय स्थित नीलकंठ क्षेत्र के लिए रवाना हुए।
देव फुलारी नीलकंठ पर्वत की तलहटी से मां नंदा के श्रृंगार के लिए पवित्र ब्रह्मकमल और अन्य बुग्याली पुष्प लेकर लौटेंगे। मान्यता है कि इन दिव्य पुष्पों से मां नंदा का विशेष श्रृंगार किया जाता है। देव पुष्पों के आगमन को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह है।

तीन दिन तक चलने वाले लोक उत्सव में पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ मां नंदा की स्तुति में भजन-जागर होंगे। गांव में उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में खासा उत्साह बना हुआ है।

