पांचवें दिन धरना स्थल पहुंचीं विधायक आशा नौटियाल, स्वास्थ्य सचिव ने दिया आश्वासन; आंदोलनकारी बोले-शासनादेश जारी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। लंबे समय से पीएचसी के उच्चीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत ऊखीमठवासियों को शुक्रवार को शासन से 15 दिन में शासनादेश जारी होने का भरोसा मिला। पांचवें दिन केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल धरना स्थल पर पहुंचीं और आंदोलनकारियों से वार्ता की। विधायक ने स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय से दूरभाष पर बात कराई। स्वास्थ्य सचिव ने 15 दिन के भीतर पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण का शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया। हालांकि, आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक शासनादेश जारी नहीं होता, धरना समाप्त नहीं होगा।
आंदोलनकारियों ने कहा कि ऊखीमठ जैसे दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सीमित सुविधाओं के कारण गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल अथवा अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर करना पड़ता है। आपात स्थिति में पहाड़ी मार्गों पर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है।
आश्वासन पहले भी मिले, अब शासनादेश का इंतजार
आंदोलनकारियों का कहना है कि पीएचसी के उच्चीकरण की मांग को लेकर पूर्व में भी कई बार आश्वासन मिल चुके हैं। इसलिए इस बार केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासनादेश हाथ में आने के बाद ही धरना समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
धरना स्थल पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। आंदोलनकारियों ने शासन से 15 दिन की निर्धारित समय-सीमा के भीतर शासनादेश जारी करने की मांग की। साथ ही कहा कि तय अवधि में शासनादेश जारी नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि ऊखीमठ सहित केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आंदोलनकारियों को स्वास्थ्य सचिव से हुई वार्ता की जानकारी देते हुए भरोसा दिलाया कि मांग के समाधान के लिए आवश्यक पहल जारी रहेगी।
इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण, व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट समेत बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे।
