एकल विद्यालय की बहनों ने जिला अस्पताल पहुंचकर टीएचडीसी हादसे में घायल श्रमिकों को बांधी राखी
संजय कुंवर
गोपेश्वर। रक्षाबंधन पर्व से पूर्व एकल अभियान अंचल गोपेश्वर की बहनों ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर टीएचडीसी टनल हादसे में घायल श्रमिकों की कलाई पर राखी बांधी। बहनों ने श्रमिक भाइयों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और दीर्घायु की कामना की। अस्पताल में राखी बांधने के दौरान भावुक माहौल रहा।
जिला चिकित्सालय में उपचाराधीन खिला राम, विनोद, झारखंड निवासी दीनविंगर और छत्तीसगढ़ निवासी पेन सिंह का उपचार चल रहा है। रक्षाबंधन से पहले एकल विद्यालय की बहनें अस्पताल पहुंचीं और घायल श्रमिकों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान श्रमिक भावुक हो उठे।
श्रमिकों ने बताया कि वे अपने घर-परिवार से हजारों किलोमीटर दूर रहकर काम कर रहे हैं। रक्षाबंधन के मौके पर उन्हें अपनी बहनों और परिवार की याद आ रही थी। ऐसे में एकल विद्यालय की बहनों के अस्पताल पहुंचकर राखी बांधने से उन्हें घर जैसा अपनापन महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि बहनों के स्नेह ने कठिन समय में उन्हें भावनात्मक संबल दिया है।
एकल अभियान की बहनों ने कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, अपनत्व, भाईचारे और सामाजिक समरसता का पर्व है। संकट की घड़ी से गुजर रहे घायल श्रमिक भाइयों के साथ खड़ा होना और उन्हें परिवार जैसा स्नेह देना ही पर्व की सच्ची भावना है।
घायल श्रमिकों की देखरेख में एचसीसी के फार्मेसिस्ट आशीष खाली समेत चार अन्य साथी भी अस्पताल में मौजूद रहे और उपचार एवं देखभाल में सहयोग कर रहे हैं।
इस अवसर पर एकल अभियान अंचल गोपेश्वर के प्रभारी अतुल साह, सचिव हरी प्रसाद मामगाईं, अंचल महिला अध्यक्ष मीना तिवारी, महिला सचिव नीरजा पंवार, अंचल अभियान प्रमुख रश्मि नेगी, संभाग महिला प्रमुख दया पांड्या, अमीसा समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रक्षाबंधन से पूर्व एकल विद्यालय की बहनों की यह पहल अपने परिवार से दूर उपचार करा रहे घायल श्रमिकों के लिए भावनात्मक सहारा बनी। राखी के इस रिश्ते ने अस्पताल में मानवीय संवेदना और भाईचारे का संदेश दिया।

