गौचर : त्योहारों में भी ग्राहकों का इंतजार, ऑनलाइन खरीदारी से गौचर के कारोबार पर असर

Team PahadRaftar

केएस असवाल गौचर। त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन गौचर बाजार के व्यापारियों के चेहरे पर रौनक नजर नहीं आ रही है। रक्षाबंधन को लेकर दुकानों में रंग-बिरंगी राखियां सज गई हैं, मगर ग्राहक अपेक्षा के अनुरूप बाजार नहीं पहुंच रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन खरीदारी और घर बैठे सामान मंगाने के बढ़ते चलन से स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहा है।

दुकानदार बलवीर सिंह बिष्ट और आयुष लिंगवाल ने बताया कि करीब छह वर्ष पहले त्योहारों के दौरान बाजार में अच्छी बिक्री होती थी। एक दिन में करीब 50 हजार रुपये तक का कारोबार हो जाता था। अब स्थिति लगातार बदल रही है। बिक्री में कमी के चलते कई दुकानदारों के सामने दुकानें बंद करने तक की नौबत आ गई है।

दुकानदार राकेश चौहान ने बताया कि ऑनलाइन खरीदारी से लोगों को घर बैठे सामान मिल रहा है, लेकिन इसका असर स्थानीय दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के रोजगार पर भी पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले बाजार की अलग-अलग दुकानों में 50 से अधिक कर्मचारी काम करते थे। अब उसी पूरे बाजार में होम डिलीवरी का काम करने वाले करीब चार युवक ही नजर आते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर कम हुए हैं।

व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन खरीदारी की सुविधा के साथ उसके स्थानीय बाजार पर पड़ने वाले प्रभाव को भी समझने की जरूरत है। यदि त्योहारों के दौरान भी ग्राहक स्थानीय दुकानों का रुख नहीं करेंगे तो छोटे व्यापारियों के साथ उनसे जुड़े कर्मचारियों के सामने भी रोजगार का संकट बढ़ सकता है।

स्थानीय बाजार से खरीदारी की अपील

व्यापारियों ने लोगों से रक्षाबंधन समेत अन्य त्योहारों पर स्थानीय बाजार से खरीदारी करने की अपील की है। उनका कहना है कि स्थानीय दुकानों से खरीदारी करने से बाजार का कारोबार मजबूत होगा और दुकानों में काम करने वाले स्थानीय युवाओं के रोजगार को भी सहारा मिलेगा।

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