तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, डोली 20 से होगी रवाना
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : विश्व प्रसिद्ध तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट आगामी 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने की तिथि वैसाखी पर्व पर मक्कूमठ में पंचांग गणना के अनुसार तय की गई है।

डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित ने बताया कि 20 अप्रैल को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ से रवाना होगी। पहले दिन डोली भूतनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी। 21 अप्रैल को डोली चोपता पहुंचेगी और 22 अप्रैल को वेद मंत्रों के साथ कपाट खोले जाएंगे।
मंदिर प्रबंधक बलवीर नेगी ने बताया कि कपाट खोलने को लेकर सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
समुद्र तल से करीब 3680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ धाम पंचकेदारों में तृतीय केदार है और भगवान शिव की भुजाओं के रूप में पूजित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पांडव ने महाभारत युद्ध के बाद यहां तपस्या की थी।
तुंगनाथ घाटी का प्राकृतिक सौंदर्य भी पर्यटकों को आकर्षित करता है। पास में स्थित चन्द्रशिला शिखर से चौखम्भा, नंदा देवी और त्रिशूल समेत कई हिमालयी चोटियों के दर्शन होते हैं।
यात्रा मार्ग
हरिद्वार से ऊखीमठ होते हुए चोपता तक सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। चोपता से करीब चार किमी पैदल चलकर तुंगनाथ धाम पहुंचा जाता है। रुद्रप्रयाग से चोपता के लिए बस सेवा भी शुरू की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
कपाट खुलने के साथ ही क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय कारोबार को भी गति मिलेगी।

