
ऊखीमठ में गूंजेगा आस्था का स्वर : फलासी में कल से नौ दिवसीय महा बन्याथ, तैयारियां पूरी
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : तल्लानागपुर-चोपता के फलासी स्थित भगवती चण्डिका की पावन तपस्थली में नौ दिवसीय महा बन्याथ का शुभारंभ गुरुवार से होगा। लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रहे इस धार्मिक महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। मंदिर समिति और ग्रामीणों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। नौ दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में पूजा-अर्चना, यज्ञ, अनुष्ठान और भजन-कीर्तन की विशेष श्रृंखला आयोजित की जाएगी। समिति के अनुसार, पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत धार्मिक क्रियाएं संपन्न होंगी, जिनमें दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भी शामिल होंगे।
महा बन्याथ की खास बात यह है कि इसके आयोजन के साथ ही प्रवासी लोग भी अपने गांवों की ओर लौटने लगे हैं। धियाणियों की मायके वापसी से गांवों में रौनक लौट आई है। पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों से पूरा क्षेत्र जीवंत हो उठा है।
मंदिर समिति अध्यक्ष मानवेन्द्र बर्त्वाल ने बताया कि महा बन्याथ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम भी है। इससे नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
समिति सचिव पूर्ण सिंह खत्री ने कहा कि आयोजन से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय व्यापारियों और छोटे व्यवसायियों को इससे लाभ होने की उम्मीद है।
संरक्षक कल्याण सिंह नेगी ने बताया कि भगवती चण्डिका की तपस्थली में होने वाला यह महा बन्याथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का प्रतीक है। नौ दिनों तक चलने वाले इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
कोषाध्यक्ष यशवंत सिंह नेगी, दलवीर सिंह राणा और जिला पंचायत सदस्य सम्पन्न सिंह नेगी समेत क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने आमजन से महा बन्याथ में अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की है।
