चमोली : श्रीनगर में स्टॉकिंग और साइबर स्टॉकिंग के खिलाफ जागरूकता कार्यशाला

Team PahadRaftar

महिलाओं और छात्राओं को बताए साइबर सुरक्षा, कानूनी अधिकार और शिकायत के उपाय

गिरीश चंदोला, श्रीनगर। महिलाओं और छात्राओं को स्टॉकिंग व साइबर स्टॉकिंग से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए बुधवार को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में एक दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग और उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में ऑनलाइन और ऑफलाइन पीछा किए जाने की घटनाओं की पहचान, बचाव के उपाय और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम् के साथ हुआ। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह मुख्य अतिथि और महापौर आरती भंडारी विशिष्ट अतिथि रहीं।

तकनीकी सत्र में पुलिस उपनिरीक्षक सुषमा उनियाल, मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ डॉ. श्वेता कृष्णा, अधिवक्ता लक्ष्मी और साइबर सेल श्रीनगर के प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार ने प्रतिभागियों को स्टॉकिंग और साइबर स्टॉकिंग के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, अनचाहे संदेश, ऑनलाइन निगरानी और डिजिटल माध्यमों से पीछा किए जाने के मामलों में सतर्कता बरतने की सलाह दी।

डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने पर जोर

विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा, व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी और संदिग्ध प्रोफाइल से सतर्क रहने के उपाय बताए। ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में स्क्रीनशॉट समेत डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने और उचित माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। विधिक विशेषज्ञ ने स्टॉकिंग से जुड़े कानूनी प्रावधानों और महिलाओं के अधिकारों की जानकारी दी।

कार्यशाला में साइबर स्टॉकिंग से होने वाले मानसिक तनाव, भय और दबाव पर भी चर्चा हुई। मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ ने ऐसी स्थिति में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सहायता लेने की सलाह दी।

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी ने कहा कि डिजिटल दौर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता जरूरी है। ऑनलाइन दुनिया में सतर्कता सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा, सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनु राही ने किया। इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, स्थानीय महिलाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

Leave a Reply

Next Post

ऊखीमठ : पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण को मातृशक्ति सड़कों पर

पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण को मातृशक्ति सड़कों पर 11वें दिन भी धरना जारी, मुख्य बाजार में प्रदर्शन; उक्रांद समेत विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन लक्ष्मण नेगी  ऊखीमठ। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को 11वें दिन भी जारी […]

You May Like