ज्योतिर्मठ : प्रवासी पक्षियों ने ज्योतिर्मठ को बनाया अपना ठोर , पक्षी प्रेमियों में खुशी

Team PahadRaftar

संजय कुंवर 

ग्रीष्मकाल में प्रवासी पक्षियों से चहकने लगा ज्योतिर्मठ क्षेत्र, गीष्म कालीन आंगतुक पक्षियों कफ्फू, चितकबरा थ्रश, टिक्कल थ्रश, दूध राज की ज्योतिर्मठ में दस्तक से पक्षी प्रेमियों में खुशी।

उत्तराखंड के सीमांत पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मियों की दस्तक शुरू होते ही प्रवासी ग्रीष्मकालीन आंगतुक पक्षियों ने भी डेरा जमाना शुरू कर दिया है। पहाड़ों के सामाजिक सांस्कृतिक तानेबाने और लोक गीतों में प्रचलित कुफ़ु पक्षी प्रजाति के प्रवासी पंछियों लार्ज हॉक कुकू,कॉमन कुकू, इंडियन कुकू, के साथ – साथ प्रवासी पाइड थ्रश, टिक्कल थ्रश,एशियन कोयल, मध्य प्रदेश,तमिल नाडु, राज्य के राज्य पक्षियों दूध राज इंडियन पैराडाइज फ्लाई कैचर (स्वर्ग का पक्षी)और कॉमन एमरल्ड डव की आमद भी ज्योतिर्मठ क्षेत्र में शुरू होने लगी है।

बात अगर चमोली जनपद के सीमांत ज्योतिर्मठ क्षेत्र की करें तो यहां नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क के बफर जोन के अंतर्गत आने वाले औली लगा सलूड क्षेत्र,सुनील,टीवी टावर परसारी रोड,सुनील कुंड कंपार्टमेंट,जगथाली,गोंख बीट, इंद्रा प्वाइंट फॉरेस्ट,मनौटी फॉरेस्ट,एरिया में गीष्मकालीन आंगतुक पक्षियों की चहचहाहट और मधुर संगीत प्रकृति प्रेमियों और बर्ड वाचरों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पहाड़ों में गर्मियों की दस्तक होते ही इन दिनों दक्षिणी भारत के पूर्वी पश्चिमी घाट, से लंबा सफ़र तय कर ज्योतिर्मठ हिमालय के छेत्र में समर विजिटर के रूप में पहुंचे ब्लू कैप्ड रॉक थ्रश, तमिलनाडु नीलगिरी घाटी छेत्र और अन्य निचले प्रवासी इलाकों से माइग्रेट कर अपने गीष्मकालीन प्रवास ओर प्रजनन के लिए सीमांत क्षेत्र ज्योर्तिमठ पहुंचे चितकबरा थ्रश,टिक्कल थ्रश,एशियन कोयल,ड्रांगों, रस्टी चीक्ड सिमिटर बैब्लर, ग्रे ब्रेस्टेड प्रीनिया, दयाल पक्षी, अबलक झाड़ी पिद्दा,लॉन्ग टेल्ड श्राइक,वर्डिटर फ्लाई कैचर पक्षी, ओर पहाड़ का चिर परिचित प्रवासी पक्षी कप्फू लगभग एक सप्ताह पूर्व ही नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क के बफर जोन क्षेत्र ज्योतिर्मठ पहुंचे हैं.

बता दें कि सितंबर माह तक ये कप्फू प्रजाति से लेकर अधिकतर समर विजिटर पक्षी हिमालय की इन वादियों में नेस्टिंग और प्रजनन करने के बाद वापस अपने निचले इलाकों और विंटर डेस्टिनेशन की ओर रुख कर देंगे।
ज्योतिर्मठ क्षेत्र से बर्ड वाचिंग कर देहरादून लौटे उत्तराखंड के जाने माने प्रकृति छायाकार और बर्डर चंद्र शेखर चौहान ने बताया कि ज्योतिर्मठ क्षेत्र में बर्ड वाचिंग की अपार संभावना है। यहां आकर बर्ड वाचिंग करना अन्य पक्षी दर्शन साइटों से ज्यादा फील्ड वर्क वाला कार्य है लिहाजा आपको पक्षी अवलोकन करते समय यहां संयम धैर्य और एकाग्रता का खास ख्याल रखना होगा,उन्होंने बताया कि मई प्रथम सप्ताह में उनके द्वारा रवि ग्राम मलारी रोड लोकेशन पर बर्डिंग के दौरान मध्य प्रदेश राज्य का राजकीय पक्षी ओर क्षेत्र का समर विजिटर इंडियन पैराडाइज फ्लाई कैचर सहित कई प्रवासी पक्षियों को अपने कैमरे में कैद किया है।

दरअसल इन दिनों सबसे अधिक तादाद में ज्योतिर्मठ क्षेत्र के फॉरेस्ट सर्किट में दिन रात प्रवासी कूफू पक्षी की ही गूंज सुनाई दे रही है, ये पक्षी गर्मियों में ही इस तरह की आवाज़ लगाते हैं और सांझ ढलने के बाद भी इनकी आवाज़ जंगलों से खूब सुनाई दे रही हैं। वहीं सर्दियों में ये पंछी शांत और खामोश रहते हैं। कप्फू पक्षी को पहाड़ों में ग्रीष्म ऋतु के आवागमन का प्रतीक माना जाता है.जिसका उल्लेख गढ़वाली और कुमाऊनी गीत संगीत में भी किया गया है,
यह कप्फू पक्षी हिमालय में एशियाई देशों से प्रवास के लिए हिमालय के इस क्षेत्र में आते हैं और सितंबर माह में वापस चले जाते हैं. कप्फू पक्षी की चार प्रजातियां इन दिनों ज्योतिर्मठ क्षेत्र में खूब नजर आ रही हैं,,, कप्फू पक्षी कोयल की तरह दूसरे पक्षियों के घोसलों में अंडे देते हैं. नन्दा देवी बायोस्पियर रिजर्व के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में पक्षी अवलोकन सहित बर्ड वाचिंग कॉन्सेप्ट पर कार्य कर रहे प्रकृति पर्यटन एक्सपर्ट संजय कुंवर के मुताबिक इस बार छेत्र में गर्मियों की दस्तक शुरू होते ही नगर छेत्र के एफआरएच इंद्रा प्वाइंट से लेकर मनोहर बाग, लिंक रोड रवि ग्राम,मनौटी,सुनील, टीवी टावर औली रोड एरिया में सबसे पहले समर विजिटर प्रवासी कप्फू प्रजाति के पक्षियों की आहट ओर कुहू कुहू सुनाई दी है, ज्योतिर्मठ से औली के मध्य इन दिनों कॉमन कुकू, इंडियन कुकू,ओर लार्ज हॉक कुकू, एशियन कोयल, ग्रेट बार्बेट की कॉल और संगीत सुनाई दे रहा है वहीं एशियन कोयल,ब्लू कैप्ड रॉक थ्रश, ऐश ड्रोंगो,कोतवाल पक्षी,टिक्कल थ्रश,चित कबरा थ्रश,दूध राज और सबसे छोटा फायर कैप्ड टिट अपने गीष्ण कालीन प्रवास के तहत एक्टिविटी करते नजर आ रही है जो प्रकृति प्रेमियों और पक्षी अवलोकन के लिए सुखद अनुभूति प्रदान करने वाली खबर है, NDBR क्षेत्र ज्योतिर्मठ में विगत एक वर्षों के दौरान समर विजिटर और विंटर विजिटर प्रवासी पक्षी सहित लोकल रेजिटेंटल माइग्रेट पक्षियों की अबतक करीब 85 प्रजातियों का अवलोकन कर चुके प्रकृति पर्यटन एक्सपर्ट संजय कुंवर ने बताया कि क्षेत्र में पर्यटन का बारामासा सीजन चलता है ऐसे में प्रकृति पर्यटन और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बर्ड वाचिंग कॉन्सेप्ट पर्यटन,होम स्टे,ट्रैकिंग,से जुड़े सभी युवाओं के लिए एक बेहतर स्वरोजगार का साधन बन सकता है, नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क ज्योतिर्मठ के वन क्षेत्र अधिकारी गौरव नेगी ने बताया कि नन्दा देवी बायोस्पियर रिजर्व क्षेत्र में काफी पक्षी विविधता है,ज़रूरत है उसे एक्सप्लोर और ऑब्जर्वेशन करने की। लिहाजा यहां के महा विद्यालयों में अध्ययनरत स्नातक स्तरीय छात्र – छात्राओं,पर्यटन कारोबारियों और खासकर औली गोरसों कुंवारी पास ट्रैकिंग रूट पर गाईड का कार्य करने वाले युवाओं को प्रकृति पर्यटन और पक्षी दर्शन कार्यक्रम के तहत बर्ड वाचिंग एक्सपर्ट के मार्ग दर्शन में उन्हें ट्रेंड करके रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। जिसके लिए वो खुद अपने स्तर से ज्योतिर्मठ में पक्षी अवलोकन के शौकीन युवाओं के लिए जल्द बर्ड वाचिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने को लेकर प्रयासरत है।

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