ऊखीमठ : मध्यमहेश्वर घाटी की विरासत को शब्दों में संजोती पुस्तक का विमोचन

Team PahadRaftar

भगवती राकेश्वरी महात्म्य’ में समेटी धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक परंपराएं, लोक संस्कृति से जुड़ी मातृशक्ति सम्मानित

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ऊखीमठ। मध्यमहेश्वर घाटी की धार्मिक, आध्यात्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत को शब्दों में संजोने वाली पुस्तक ‘भगवती राकेश्वरी महात्म्य’ का विमोचन ब्लॉक सभागार ऊखीमठ में किया गया। इस अवसर पर पंच केदार दर्शन वार्षिक सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां राकेश्वरी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया।

मुख्य अतिथि केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने पुस्तक के विमोचन को क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि पुस्तक में मां राकेश्वरी से जुड़ी पौराणिक गाथाओं के साथ मध्यमहेश्वर घाटी और आसपास के प्राचीन मंदिरों व धार्मिक स्थलों की जानकारी समाहित की गई है। उन्होंने लेखक के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी कृतियां नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और विरासत से जोड़ने में सहायक होती हैं।

राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि मध्यमहेश्वर घाटी देवभूमि की धार्मिक परंपराओं और लोक संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र है। पुस्तक के माध्यम से क्षेत्र की पौराणिक मान्यताओं, धार्मिक स्थलों और लोक आस्थाओं को एक स्थान पर संजोया गया है। राज्य मंत्री ऐश्वर्या रावत ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी समृद्ध धार्मिक, आध्यात्मिक और लोक संस्कृति से है। ऐसी कृतियां नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का काम करती हैं।

नगर पंचायत अध्यक्ष ऊखीमठ कुब्जा धर्म्वाण ने कहा कि पुस्तक मध्यमहेश्वर घाटी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सामाजिक कार्यकर्ता नीलकंठ भट्ट ने इसे क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं और आस्था के दस्तावेजीकरण की दिशा में सराहनीय प्रयास बताया।

पत्रकार एवं साहित्यकार लक्ष्मण सिंह नेगी की कृति

‘भगवती राकेश्वरी महात्म्य’ के लेखक पत्रकार एवं साहित्यकार लक्ष्मण सिंह नेगी हैं। पुस्तक का प्रकाशन संस्कृति प्रकाशन, अगस्त्यमुनि ने किया है। पुस्तक में मां राकेश्वरी से जुड़ी पौराणिक गाथाओं के साथ मध्यमहेश्वर घाटी के मंदिरों, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को समेटने का प्रयास किया गया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्येष्ठ प्रमुख राकेश नेगी ने की। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य कालीमठ सरोज राणा, सामाजिक कार्यकर्ता कुशाल नेगी, कालीमठ पंचगाई समिति अध्यक्ष लखपत सिंह राणा, कार्तिक स्वामी मंदिर समिति अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी समेत जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और संस्कृति प्रेमी मौजूद रहे।

लोक संस्कृति से जुड़ी मातृशक्ति सम्मानित

समारोह में केदार घाटी की कथावाचक राधिका जोशी ‘केदारखण्डी’, गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर की प्रोफेसर कविता भट्ट ‘शैलपुत्री’, लोकगायिका रामेश्वरी देवी तथा केदार-बद्री मानव श्रम समिति और ‘मंदाकिनी की आवाज’ से जुड़ी मातृशक्ति को साप्ताहिक पंच केदार दर्शन वार्षिक सम्मान से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में साहित्यकार, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग और मध्यमहेश्वर घाटी के ग्रामीण मौजूद रहे। पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह ने क्षेत्र की धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और साहित्यिक परंपरा को एक मंच पर जोड़ने का काम किया।

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