क्षेत्र में उत्साह, यात्रा पड़ावों पर लौटने लगी रौनक; देशभर से पहुंचेंगे संत-महात्मा और श्रद्धालु
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। समुद्र तल से करीब 8530 फीट की ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ एक बार फिर धर्म, आस्था और वैदिक परंपराओं के रंग में रंगने जा रहा है। यहां आगामी 5 जून से 15 जून तक आयोजित होने वाले 11 दिवसीय महायज्ञ एवं पुराण वाचन कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और यात्रा पड़ावों पर भी चहल-पहल बढ़ने लगी है।
कार्तिकेय मंदिर समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी ने बताया कि धार्मिक आयोजन के अंतर्गत वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ महायज्ञ, पुराण वाचन, भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से विद्वान आचार्य, संत-महात्मा एवं धर्माचार्य कार्यक्रम में भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि आयोजन को भव्य एवं सफल बनाने के लिए मंदिर समिति और स्थानीय लोग मिलकर तैयारियों में जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मंदिर समिति के सचिव बलराम सिंह नेगी ने बताया कि कार्तिक स्वामी तीर्थ भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र देवसेनापति भगवान कार्तिकेय की तपोस्थली के रूप में विख्यात है। धार्मिक महत्व के साथ-साथ यहां से दिखाई देने वाली हिमालय की मनोरम पर्वत श्रृंखलाएं भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
समिति के उपाध्यक्ष उत्तराज नेगी ने बताया कि मंदिर परिसर, पैदल मार्ग, पेयजल, स्वच्छता एवं श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। धार्मिक आयोजन के कारण स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों और वाहन संचालकों में भी उत्साह है। उन्हें उम्मीद है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
कोषाध्यक्ष चंद्र सिंह नेगी ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को मजबूत करने के साथ सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी देते हैं।
प्रबंधक पूर्ण सिंह नेगी और उप प्रबंधक रमेश नेगी ने बताया कि 11 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को लेकर पूरे कार्तिक स्वामी क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण है। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही से यात्रा मार्गों और पड़ावों पर एक बार फिर रौनक लौटने लगी है।
आस्था के संग पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
कार्तिक स्वामी में आयोजित होने वाला यह धार्मिक आयोजन केवल श्रद्धा का केंद्र नहीं होगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन और आर्थिकी को भी नई गति देगा। समिति का अनुमान है कि महायज्ञ और पुराण वाचन के दौरान हजारों श्रद्धालु और पर्यटक क्षेत्र में पहुंचेंगे, जिससे स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा।

