कल से शुरू होगी द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट खुलने की प्रक्रिया
19 मई को रवाना होगी उत्सव डोली, 21 मई को खुलेंगे बाबा के कपाट
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ
द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोलने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। रविवार से कपाट खुलने की धार्मिक प्रक्रिया विधिवत शुरू हो जाएगी। भगवान मद्महेश्वर के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच चल विग्रह उत्सव मूर्तियों को गर्भगृह से सभा मंडप में विराजमान कराया जाएगा।
रविवार को विशेष पूजा के बाद भगवान मद्महेश्वर को नए अनाज का भोग लगाया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। कपाट खुलने को लेकर मद्महेश्वर घाटी समेत पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
मंदिर समिति के अनुसार 19 मई को भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली पारंपरिक विधि-विधान और स्थानीय वाद्ययंत्रों की धुनों के साथ धाम के लिए रवाना होगी। यात्रा मार्ग पर विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालु पुष्पवर्षा और भजन-कीर्तन के साथ डोली का स्वागत करेंगे।
ओंकारेश्वर मंदिर प्रभारी विजेंद्र बिष्ट ने बताया कि डोली यात्रा राकेश्वरी देवी, गौंडार और बंतोली होते हुए मद्महेश्वर धाम पहुंचेगी। यात्रा के दौरान स्थानीय ग्रामीणों, महिला मंगल दलों और युवक मंगल दलों की ओर से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि मंदिर समिति और हक-हकूकधारियों की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 21 मई को शुभ मुहूर्त में भगवान मद्महेश्वर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
मद्महेश्वर घाटी और ऊखीमठ क्षेत्र में कपाटोद्घाटन को लेकर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी यात्रा सीजन से बेहतर कारोबार की उम्मीद है।

