
बदरीनाथ, संजय कुंवर। समुद्र तल से करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र सतोपंथ सरोवर तक इस वर्ष आध्यात्मिक ट्रैकिंग गतिविधियां शुरू हो गई हैं। ज्योतिर्मठ की स्नो लाईन ट्रैकर्स एडवेंचर संस्था के नेतृत्व में छह सदस्यीय ट्रैकिंग दल ने सतोपंथ सरोवर की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर सकुशल माणा लौटकर आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति दी है।
स्नो लाईन ट्रैकर्स एडवेंचर के प्रभारी सोहन सिंह ने बताया कि इस सीजन में सतोपंथ ट्रैक मार्ग खुलने के बाद अब तक तीन दल सुरक्षित रूप से यात्रा पूरी कर चुके हैं। उनकी अगुवाई में बंगाल से पहुंचे छह सदस्यीय दल ने भी सतोपंथ सरोवर तक पहुंचकर पवित्र सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई और सकुशल वापसी की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सतोपंथ क्षेत्र का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। माना जाता है कि महाभारत काल में पांडव और द्रौपदी इसी मार्ग से स्वर्गारोहिणी के लिए प्रस्थान किए थे। त्रिकोणाकार सतोपंथ सरोवर के बारे में यह भी मान्यता है कि भाद्रपद माह की एकादशी पर त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश यहां दिव्य स्नान करते हैं, जिससे सरोवर का जल अमृत तुल्य हो जाता है।
ट्रैकिंग दल ने बदरीनाथ धाम से आगे चमतोली, लक्ष्मी वन, सहस्त्रधारा और चक्रतीर्थ होते हुए सतोपंथ सरोवर तक की यात्रा पूरी की। इस दौरान ट्रैकर्स को हिमालय की बर्फाच्छादित चोटियों, ग्लेशियरों और प्राकृतिक सौंदर्य के दुर्लभ नजारों का आनंद लेने का अवसर मिला। दल के सदस्यों ने मार्ग में हिमालयी पक्षियों के दर्शन भी किए।
सोहन सिंह ने बताया कि अनुकूल मौसम के कारण यात्रा सुगमता से संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि सतोपंथ ट्रैक आध्यात्मिक आस्था, रोमांच और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है। हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ट्रैकर इस पवित्र स्थल तक पहुंचते हैं।
तथ्य एक नजर में
- सतोपंथ सरोवर की ऊंचाई : लगभग 15 हजार फीट
- ट्रैकिंग दल के सदस्य : 6
- इस सीजन में लौटने वाले दल : 3
- प्रमुख पड़ाव : चमतोली, लक्ष्मी वन, सहस्त्रधारा, चक्रतीर्थ
- धार्मिक मान्यता : पांडवों का स्वर्गारोहिणी मार्ग और त्रिदेव स्नान स्थल।

