
जीजीआईसी पोखरी में सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप संपन्न, प्रतिभागियों को बांटे प्रमाण पत्र
केएस असवाल पोखरी : राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पोखरी में आयोजित सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप-2026 का मंगलवार को प्रमाण पत्र वितरण के साथ समापन हो गया। कैंप के दौरान छात्राओं को भारतीय भाषाओं, स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खेलों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

समापन दिवस का शुभारंभ गढ़वाली सरस्वती वंदना और देशभक्ति गीत “हिंद के बहादुरों, वक्त की पुकार है” के साथ हुआ। प्रधानाचार्य गंभीर सिंह असवाल ने कहा कि भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र नई दिल्ली द्वारा तैयार इस समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान, बहुभाषी संवाद कौशल और सांस्कृतिक एकता की भावना विकसित करना है।
उन्होंने बताया कि राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड और डायट गौचर के दिशा-निर्देशन में आयोजित कैंप के दौरान छात्राओं को स्थानीय संस्कृति, कला, भोजन और परंपराओं से परिचित कराया गया। साथ ही गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया गया।

शिक्षिकाओं रेखा पटवाल राणा, पुष्पा नेगी और निशा ने छात्राओं को वर्ड चेन, टंग ट्विस्टर, वर्ड एसोसिएशन गेम और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में शामिल किया। इसके अलावा क्विज प्रतियोगिता, अंत्याक्षरी और समूह गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।
कैंप में पारंपरिक खेलों को विशेष स्थान दिया गया। छात्राओं ने कंचे, गिल्ली-डंडा, गुट्टा, रस्सीकूद, पिट्ठू, कबड्डी, खो-खो और रस्साकशी जैसे खेलों में उत्साह के साथ भाग लिया। समापन अवसर पर छात्राओं की कैटवॉक गतिविधि भी आकर्षण का केंद्र रही।
सातवें दिन 26 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। पीएम पोषण योजना के तहत छात्राओं को भोजन के साथ झंगोरे की खीर भी परोसी गई।
अंत में प्रधानाचार्य गंभीर सिंह असवाल ने प्रतिभागी छात्राओं, शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और भोजन माताओं को प्रमाण पत्र वितरित कर सफल आयोजन के लिए सभी का आभार जताया।
कैंप में ये गतिविधियां रहीं खास
- भारतीय भाषाओं पर आधारित शैक्षिक गतिविधियां
- वर्ड चेन और टंग ट्विस्टर प्रतियोगिता
- क्विज और अंत्याक्षरी
- गिल्ली-डंडा, कबड्डी, खो-खो सहित पारंपरिक खेल
- झंगोरे की खीर के साथ समापन
- प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण।
