
दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाओं पर विशेष जोर, जनवरी तक आवासीय परिसर पूरा करने के निर्देश
नंदप्रयाग। नंदप्रयाग में निर्माणाधीन तहसील भवन और आवासीय परिसर का मंगलवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों के पालन और समयबद्धता पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
करीब 2.65 करोड़ रुपये की लागत से ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा बनाए जा रहे जी+1 तहसील भवन के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भूतल और प्रथम तल पर प्रस्तावित विभिन्न कक्षों की उपयोगिता और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने नायब तहसीलदार कक्ष, तहसीलदार कक्ष, कोर्ट रूम, खतौनी कक्ष, रिकॉर्ड रूम और लॉकर रूम सहित अन्य कार्यालयों में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कहा कि तहसील भवन में आने वाले आम नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था और नागरिक-अनुकूल वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही भवन को दिव्यांगजन-अनुकूल बनाने के लिए रैंप, सुगम पहुंच और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने रिकॉर्ड प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए रिकॉर्ड रूम और स्टोर को व्यवस्थित ढंग से विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही भवन परिसर में लिफ्ट स्थापना का कार्य भी निर्माण के साथ पूरा करने को कहा, ताकि कर्मचारियों और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता दिखाई। उन्होंने सभी सुरक्षा मानकों और श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके बाद डीएम ने करीब 2.36 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे तहसील आवासीय परिसर का भी निरीक्षण किया। परिसर में चार टाइप-1, चार टाइप-2, एक टाइप-3 और एक टाइप-4 आवासीय भवनों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा सभी आवासीय इकाइयों का निर्माण आगामी जनवरी तक पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे, ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आल्हा दिया सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
