
केदार घाटी ठेकेदार एसोसिएशन ने बैठक में लिया निर्णय, शासनादेश वापस नहीं होने पर जनपद के सभी विभागों में काम बंद करने का ऐलान
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। प्रदेश सरकार की ओर से निर्माण कार्यों में अतिरिक्त रॉयल्टी लागू किए जाने के शासनादेश के विरोध में केदारघाटी के ठेकेदार लामबंद हो गए हैं। केदार घाटी ठेकेदार एसोसिएशन संघ, लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ की बैठक में शासनादेश वापस लेने की मांग उठाई गई। ठेकेदारों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर जनपद के सभी विभागों में निर्माण कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष कुंवर सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ठेकेदारों ने कहा कि अतिरिक्त रॉयल्टी का प्रावधान उनके हितों के प्रतिकूल है। पहले से ही निर्माण कार्यों में कई आर्थिक और व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ने से निर्माण कार्यों की लागत बढ़ने के साथ ही ठेकेदारों की मुश्किलें भी बढ़ेंगी।
शासनादेश वापस नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रदेश सरकार ने अतिरिक्त रॉयल्टी संबंधी शासनादेश वापस नहीं लिया तो जनपद के सभी विभागों में निर्माण कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। एसोसिएशन ने कहा कि ठेकेदारों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
बैठक में ठेकेदारों ने एकजुटता जताते हुए सरकार से शासनादेश पर पुनर्विचार कर उसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
इस मौके पर एसोसिएशन के संरक्षक कुलदीप कंडारी, विनोद कप्रवाण, विनोद रावत, सतीश मैठाणी, सरजीत भंडारी, कर्मवीर बर्त्वाल, सिंचाई खंड केदारनाथ ठेकेदार संघ के अध्यक्ष लखपत बर्त्वाल, छत्रपाल कुंवर, विनोद नेगी, अनूप रावत, बलवंत नेगी और लक्ष्मी प्रसाद नौटियाल मौजूद रहे।

