
संस्कृत के संरक्षण और प्रचार-प्रसार पर जोर, 24 सितंबर को होंगी वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताएं
ज्योतिर्मठ। उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम्, हरिद्वार के तत्वावधान में बुधवार को श्री बदरीनाथ वेद वेदांग संस्कृत उत्तरमध्यमा विद्यालय ज्योतिर्मठ में खंडस्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता 2026-27 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह और विशिष्ट अतिथि नरसिंह मंदिर वार्ड पार्षद दीपक शाह ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया।

नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह ने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण आधार भाषा है। इसके प्रचार-प्रसार से नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकती है। दीपक शाह ने संस्कृत को देवभाषा बताते हुए इसके संरक्षण और उन्नयन के लिए इस तरह की प्रतियोगिताओं को जरूरी बताया।
खंड संयोजक एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद पंत ने बताया कि प्रतियोगिता के पहले दिन कनिष्ठ वर्ग की छह प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
उन्होंने बताया कि कनिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताओं के परिणाम वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताओं के साथ 24 सितंबर को जारी किए जाएंगे। गुरुवार को वरिष्ठ वर्ग की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य श्रीकृष्ण मैठाणी, दाताराम बड़थ्वाल, नीरज कोटवाल, रेखा साह, उपासना, विमल पुरोहित, पुष्पा कप्रवान, सरिता, विक्रम सिंह समेत विद्यालय एवं महाविद्यालय के आचार्य और अन्य शिक्षक मौजूद रहे। मंच संचालन आचार्य जगदीश जोशी और डॉ. मनीष देवराड़ी ने किया।

