
आयुष चिकित्सकों का फूटा गुस्सा, चौथे दिन भी जारी रहा आंदोलन
गोपेश्वर, केएस असवाल संवाददाता। अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, चमोली का आंदोलन गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। आयुष चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग उठाई।
आंदोलन के तहत चिकित्सकों ने सुबह आठ बजे से 11 बजे तक ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया। इसके बाद 11 बजे से दोपहर दो बजे तक मरीजों को चिकित्सीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया। चिकित्सकों का कहना है कि जनहित और मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जा रही हैं, लेकिन अपनी मांगों को लेकर विरोध भी जारी रखा जाएगा।
संघ ने चिकित्सा संवर्ग के लिए विभागीय निदेशक पद का सृजन, एसीपी और डीएसीपी का समयबद्ध लाभ, नवनियुक्त चिकित्साधिकारियों का विनियमितीकरण सहित अन्य लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है। चिकित्सकों का आरोप है कि वर्षों से लंबित मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने से उनमें रोष बढ़ता जा रहा है।
संघ के वरिष्ठ मीडिया प्रभारी डॉ. मनीष खंडूरी और मीडिया समन्वयक डॉ. हिमांशु डिमरी ने कहा कि आयुष चिकित्सक लंबे समय से अपनी न्यायोचित मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और विभागीय प्रशासन की होगी।
