ज्योतिर्मठ : हाथी पहाड़ पर ट्रीटमेंट वायर में फंसा हिमालयन थार, तीन घंटे बाद सुरक्षित रेस्क्यू

Team PahadRaftar

मारवाड़ी-विष्णुप्रयाग के बीच हुआ हादसा, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की टीम ने चलाया रेस्क्यू अभियान; वन्यजीवों के लिए खतरा बने वायर

संजय कुंवर ज्योतिर्मठ :  बदरीनाथ हाईवे पर हाथी पहाड़ में लगे स्लोप ट्रीटमेंट वायर वन्यजीवों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। शुक्रवार को इन वायरों में एक दुर्लभ हिमालयन थार फंस गया। सूचना पर पहुंची नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की रेस्क्यू टीम ने स्थानीय ग्रामीण की मदद से करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद थार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

घटना मारवाड़ी और विष्णुप्रयाग संगम के बीच हाथी पहाड़ की है। यहां पहाड़ी पर लगे ट्रीटमेंट वायर में एक हिमालयन थार फंस गया था। इसकी सूचना मिलते ही वन दरोगा सरिता नेगी के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। सड़क से काफी ऊंचाई पर खड़ी चट्टान में फंसे वन्यजीव तक पहुंचना आसान नहीं था। इसके बावजूद वन आरक्षी सीमा, चंद्रमोहन, वाहन चालक मनीष और स्थानीय निवासी कमलेश सिंह राणा ने जोखिम उठाकर बचाव अभियान चलाया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद थार को एल्यूमिनियम के जालों से मुक्त कर सुरक्षित निकाला गया।

सीमित संसाधनों से बढ़ रही चुनौती

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के रेंज अधिकारी आशीष जिरवाण ने बताया कि ट्रीटमेंट वायर में वन्यजीवों के फंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में रेस्क्यू टीम के पास आधुनिक उपकरण और जरूरी संसाधन होना बेहद आवश्यक है। सीमित संसाधनों के बीच दुर्गम पहाड़ियों में वन्यजीवों को सुरक्षित निकालना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।

वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बढ़ा खतरा

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क और वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की गोविंदघाट रेंज से हनुमान चट्टी और बदरीनाथ तक का क्षेत्र दुर्लभ वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। यहां हिमालयन थार सहित कई वन्यजीव स्वच्छंद विचरण करते हैं। कई बार पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को हाईवे के आसपास ही इनके दीदार हो जाते हैं। ऐसे में पहाड़ी ढलानों पर लगाए गए ट्रीटमेंट वायर वन्यजीवों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने इन वायरों की संरचना और वन्यजीवों की सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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