गुप्तकाशी के डॉ. जैक्स वीन नेशनल स्कूल में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित, गुड टच-बैड टच और साइबर सुरक्षा के बताए उपाय
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। बच्चों को उनके अधिकारों, कानूनी संरक्षण और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुप्तकाशी स्थित डॉ. जैक्स वीन नेशनल स्कूल में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सिविल जज संतोष पश्चिमी ने विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, ऑनलाइन सुरक्षा और गुड टच-बैड टच की जानकारी देते हुए किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के निर्देश और उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य लखपत सिंह राणा और विद्यालय परिवार ने अतिथियों के स्वागत एवं स्मृति चिह्न भेंट कर किया। इसके बाद मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रधानाचार्य ने सुरक्षित बचपन अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों को सही-गलत की पहचान कराने और अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए सिविल जज संतोष पश्चिमी ने पॉक्सो अधिनियम-2012 की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कानून बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करता है। किसी बच्चे के साथ यौन अपराध की जानकारी होने पर भी आवश्यक कदम नहीं उठाने वाले व्यक्ति की जवाबदेही तय हो सकती है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि यदि कोई स्पर्श या व्यवहार असहज महसूस हो तो बिना डर और संकोच के तत्काल माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय बड़े को इसकी जानकारी दें।
ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर उन्होंने अभिभावकों और बच्चों को सतर्क रहने की सलाह दी। कहा कि सोशल मीडिया और मोबाइल का असावधानी से इस्तेमाल बच्चों को साइबर अपराधियों के निशाने पर ला सकता है। बैंक खाते या मोबाइल नंबर से जुड़े अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों को भी बच्चों के मोबाइल और इंटरनेट उपयोग पर निगरानी रखने की सलाह दी। साथ ही बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में संग्रहित करने और उसकी जानकारी छिपाने के कानूनी परिणामों के बारे में भी बताया। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम की धारा 15 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए विद्यालय में यौन उत्पीड़न की रोकथाम और शिकायतों के निस्तारण के लिए गठित समितियों को सक्रिय रखने पर जोर दिया।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की सदस्य रजनी शर्मा ने बताया कि फरवरी से अब तक समिति के पास 13 मामले आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि कानून की नजर में बालक और बालिका दोनों समान हैं। बच्चों और अभिभावकों को छोटी-छोटी घटनाओं को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कार्यक्रम में बच्चों को साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और नालसा की विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
इस अवसर पर पैरा लीगल वालंटियर शिव सिंह नेगी, थाना गुप्तकाशी के उप निरीक्षक दर्शन कुमार देवली, हेड कांस्टेबल मुकेश नेगी, कोर्ट स्टाफ आशुतोष, थाना गुप्तकाशी के मुकेश कुमार, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की सदस्य रजनी शर्मा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन के बाद सिविल जज संतोष पश्चिमी ने प्रधानाचार्य लखपत सिंह राणा और अन्य अतिथियों के साथ विद्यालय के लघु संग्रहालय ‘हमारी सांस्कृतिक विरासत’, पुस्तकालय और विज्ञान प्रयोगशालाओं का निरीक्षण भी किया।
