
चमोली। श्री हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों की बैठक लेकर यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक कचरे का निस्तारण, स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कूड़ा या प्लास्टिक जलाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
इको डेवलपमेंट कमेटी को खच्चरों के लीद और प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए ठोस योजना बनाने को कहा गया। जिला पंचायत को “क्या करें और क्या न करें” संबंधी पंपलेट और साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए, जबकि वन विभाग को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया।
पशुपालन विभाग को घोड़े-खच्चरों के लिए स्वास्थ्य शिविर और नियमित जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं जल संस्थान को श्रद्धालुओं और पशुओं के लिए गर्म पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वाटर एटीएम स्थापित करने को कहा गया।
घांघरिया में घोड़े-खच्चरों के लिए बड़े शेल्टर बनाने को लेकर जिला पंचायत और वन विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, शौचालय और पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया।
गौरतलब है कि 23 मई 2026 को श्री हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। प्रशासन यात्रा को सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए तैयारियों में जुटा है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, परियोजना निदेशक आनंद सिंह भकुनी, इको डेवलपमेंट कमेटी अध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह चौहान और जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राहुल राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
